7 घंटे से डिजिटल अरेस्ट डॉक्टर को 50 लाख की ठगी से पुलिस ने बचाया

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7 घंटे से डिजिटल अरेस्ट डॉक्टर को 50 लाख की ठगी से पुलिस ने बचाया

Sunday, January 12, 2025 | January 12, 2025 Last Updated 2025-01-13T05:20:14Z
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7 घंटे से डिजिटल अरेस्ट डॉक्टर को 50 लाख की ठगी से पुलिस ने बचाया

परिजनों को शक होने के बाद एसपी सिटी को दी सूचना तो तुरंत एक्शन में आई पुलिस।।

नेशनल 24 लाइव न्यूज़ जनपद बरेली खाना बारादरी के सूफी टोला में क्लीनिक चलाने वाले भी एस डॉक्टर हसन को साइबर अपराधियों ने एक होटल में 7 घंटे तक अरेस्ट रखा।

 अपने आधार कार्ड का हवाला कारोबार में इस्तेमाल होने की से दहशत में आए डॉक्टर नजीबुल हसन अपने बैंक खाते में मौजूद ऐसे पैसे का ब्यूरा अपराधियों को बता रहे थे कि परिजनों की सूचना पर पुलिस उन्हें 

तलाश करती हुई होटल पहुंच गई पुलिस काफी देर तक दरवाजा पीटती रही। डॉक्टर नवजुल हसन अपने तीन बैंक खातों में करीब मौजूद 50 लख रुपए की रकम गमाने से बाल बाल बच गए। अगर वह इस समय पर दरवाजा न खोलने तो अपने 50 लख रुपए गंवा सकते थे।

फईक एंक्लेव में रहने वाले डॉक्टर नजबुल हसन के मुताबिक शनिवार की सुबह वह अपनी क्लिनिक जाने की तैयारी कर रहे थे की सभी उनके मोबाइल पर एक कॉल लाई दूसरी तरफ से बात करने वाले शख्स में खुद को सीबीआई अफसर बताते हुए उनके आधार कार्ड का हवाला कारोबार में इस्तेमाल होने की बात कही उन्हें बताया कि उन्हें गिरफ्तार करने के लिए सीबीआई की एक टीम बरेली पहुंच गई है

 अगर वह बचाना चाहते हैं तो 3 दिन के लिए कहीं एकांत में चले जाएं। दहशत में आने के बाद डॉक्टर नजबुल हसन ने फौरन पीलीभीत बायपास रोड पर एक होटल में कमरा बुक कराया और आनन फानन में अपनी बैंक पासबुक और आधार कार्ड जरूरी दस्तावेज लेकर घर से बिना किसी को बताएं होटल पहुंच गए।

परिवार वालों ने उन्हें पासबुक चेक बुक वगैरा आदि लेकर अचानक निकलते देखा तो उन्हें रोकने की कोशिश भी की लेकिन वह उन्होंने किसी की बात नहीं सुनी ना ही कुछ समझा, जब परिवार वालों को कोई बात समझ में नहीं आई तो उनके भतीजे इमरान ने करीब 10:00 बजे फोन करके एसपी सिटी को सूचना दी एसपी सिटी के निर्देश पर थाना बारादरी पुलिस ने डॉक्टर को तलाश करने के लिए उनका फोन सर्विलांस पर लगाया तो उनकी फोन की लोकेशन पीलीभीत रोड पर एक होटल में मिली ।

उसके बाद एक्शन में आई पुलिस ने तुरंत होटल पहुंच कर उनकी जानकारी ली होटल मैनेजर से डॉक्टर नवजुल हसन के मालूम होने पर वहां पर होटल मैनेजर ने डॉक्टर के उपलब्ध होने की पुष्टि की उसके बाद पुलिस वाले उनके कमरे के बाहर पहुंचे काफी देर तक दरवाजा पीटने के बाद डॉक्टर हसन ने दरवाजा खोला उसे दौरान वह अपराधियों को अपने बैंक के पैसे के बारे में जानकारी दे रहे थे अगर समय पर वह दरवाजा न खोलने तो अपने 50 लख रुपए गंवा सकते थे। 

जिस समय डॉक्टर नजबुल हसन के भतीजे इमरान ने एसपी सिटी को फोन पर बताया कि उनके चाचा किसी से फोन पर बात करते-करते अपनी बैंक की पासबुक और जरूरी दस्तावेज लेकर गए हैं एसपी सिटी ने इसके बाद डॉक्टर की बेटी से बात की उसने बताया कि उसके पिता को किसी का फोन आया था। जिसने उनके आधार कार्ड का किसी नरेश नाम के आदमी ने हवाला कारोबार में इस्तेमाल किया है 

इसके बाद में बुरी तरीके से घबराए अपने और अपने जरूरी कागजात लेकर कुछ ही देर में घर से निकल गए एसपी सिटी इस पर तुरंत भांप गए की ठगी के लिए डॉक्टर को कहीं डिजिटल अरेस्ट तो नहीं किया गया है ,इसके बाद तत्काल ही उन्होंने थाना बारादरी पुलिस को सूचना दी और फौरन जाकर डॉक्टर की लोकेशन का पता लगाने का निर्देश दिया। 

डॉक्टर नजबुल की लोकेशन मिलने के बाद शाम 5:00 बजे पुलिस उसे होटल में पहुंची जहां उन्होंने कमरा बुक कराया था। पुलिस ने कमरे का दरवाजा खटखटाया उस वक्त वह वीडियो कॉल पर साइबर अपराधियों के संपर्क में थे। पुलिस ने काफी आवाज लगाने और दरवाजा पीटने के बावजूद बह अंदर से दरवाजा खोलने के लिए तैयार नहीं हुए इसके बाद पुलिस वालों ने होटल में आग लगने का शोर मचाया तब कहीं जाकर डॉक्टर ने दरवाजा खोला ।

उसके बाद एसपी सिटी ने उन्हें समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन वह इतना डर गए थे कि उन्हें काफी देर समझाने के बाद ही वह एसपी सिटी की बात मानने को तैयार हुए। इस प्रकार एसपी सिटी की सूझबूझ से डॉक्टर नजबुल हसन अपने 50 लाख रुपए गंवाने से बच गए। इस पूरी घटनाक्रम में बरेली पुलिस की जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है।
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