अधिवक्ताओं ने अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रपति को लिखा ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा
रामपुर। बार एसोसिएशन मिलक जनपद रामपुर अधिवक्ताओं द्वारा निम्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार सीमा गंगवार को ज्ञापन दिया गया । जिसमें लिखा 1. अधिवक्ता व उनके परिवार के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट का प्रावधान किया जाए 2. परिषद में निर्वाचित सदस्यों के अतिरिक्त कोई समाहित न किये जाए
व उनके लोकतांत्रिक स्वरूप को यथावत रखा जाये । 3. परिषदों के सदस्यों या अस्तित्व पर सुझाये गये संशोधन को तुरंत समाप्त किया जाये।
4. तहसील मिलक जनपद रामपुर के अधिवक्ता विशेषकर बार एसोसिएशन मिलक रामपुर उत्तर प्रदेश मांग करती है । की प्रदेश के अधिवक्ताओं का 10 लाख का मेडिक्लेम व किसी अधिवक्ता की मृत्यु होने पर 10 लाख की बीमा राशि प्रदान की जाए।
5. यह की पंजीकरण के समय प्रत्येक अधिवक्ता से लिए जा रहे रुपए 500 / - के स्टांप की राशि प्रादेशिक परिषदों को वापस की जाए व राज्य सरकार द्वारा विधिक स्टांप की बिक्री से प्राप्त राशि का 2% अधिवक्ताओं की कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च किया जाए जैसा कि केरल सरकार द्वारा किया जा रहा है ।
6. नियम बनाने का अधिकार पूर्व में जो एडवोकेट्स एक्ट में प्राविधानित था उसको उसी प्रकार रखा जाए ।केंद्र सरकार द्वारा रेगुलेशन बनाने की जो बातें कही गई है उसे तुरंत समाप्त किया जाए । साथ ही किसी प्रकार के संशोधन की आवश्यकता ना होने के कारण हम अधिवक्ता गढ़ एडवोकेट्स अमेंडमेट बिल 2025 के पूरे संशोधन को निरस्त करते हैं ।
हम तहसील मिलक जनपद रामपुर के अधिवक्ता मांग करते हैं कि एडवोकेट अमेंडमेट बिल 2025 को तुरंत वापस लिया जाए अन्यथा अधिवक्ता गढ़ पूरे देश में इस लड़ाई को लड़ने की रणनीति बनाने पर बाध्य होंगे ।
इस अवसर पर कमलाकांत शर्मा , उमेश चंद सक्सेना अध्यक्ष , श्री राम राठौर ,देवेंद्र गंगवार ,विपिन कुमार तिवारी महासचिव ,सतीश चंद्र गंगवार , सतीश चंद्र गंगवार , देश वीर गंगवार, सोमपाल भारती , नोनी राम ,धर्मेंद्र सक्सेना ,आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।