कुष्ठ हाथ मिलाने ,उठने वैठने ,सोने एंव साथ खाना खाने से नहीं फैलता:विमल वार्ष्णेय
राष्ट्रीय कुष्ठ जागरूकता अभियान के दौरान सामु.स्वास्थ्य केन्द्र वजीरगंज के अन्तर्गत गांधी जी की पुण्य तिथि पर ग्राम रामदाढीं में समस्त ग्राम वासियों के साथ गोष्ठी का आयोजन किया गया पी एम डब्लू विमल वार्ष्णेय ने वताया कि कुष्ठ रोग को समाप्त करने के लिए भेदभाव ,कलंक को समाप्त करना आवश्यक है और वताया कि इस रोग को पहचानना वहुत आसान है और यह साध्य है ।
हम सभी कुष्ठ रोगियो को जितनी जल्दी हो सके खोजने के लिए हर सम्भव प्रयास करेगें कुष्ठ रोग के लक्षण जैसे हाथ पैर में सुन्न्पन होना ,हाथ पैर में झनझनाट, पसीना न आना ,पैर के तलवो पर सुन्न्पन,
खुजली का न होना आदि लक्षण से पहचाना जा सकता हैं कुष्ठ रोगियो से भेदभाव भेदभाव न कर उन्हे भारत से कुष्ठ रोग को समाप्त करने के लिए हर सम्भव प्रयास करेगें ।