फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र धमोरा में हुआ एक दिवसीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन
रामपुर। आज दिनांक 1 मार्च 2025 को कृषि विज्ञान केंद्र धमोरा रामपुर के द्वारा केंद्र परिसर में फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत एक दिवसीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री बलदेव सिंह औलख जी माननीय राज्य मंत्री कृषि,
कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान उत्तर प्रदेश सरकार एवं विशिष्ट अतिथि श्रीमति श्रुति गंगवार, अध्यक्ष अर्बन कोऑपरेटिव बैंक बरेली के द्वारा किया गया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख मिलक श्रीमती अर्चना गंगवार एवं अध्यक्ष नगर पालिका मिलक श्रीमती दीक्षा गंगवार उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री बलदेव सिंह औलाद जी ने कृषकों से आवाहन किया कि किसान भाई वैज्ञानिकों द्वारा इजात की जा रही नवीनतम तकनीकी को अपनाएं जिससे कि उनकी लागत घटे और आमदनी बड़े। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्रीमती श्रुति गंगवार ने कहा कि कृषि को स्टार्टअप से जोड़ने की कोशिश होनी चाहिए
जिससे कि किसान भाई को उनकी उपज का सही दाम मिल सके तथा उनका जीवन स्तर ऊंचा हो सके। मेले में बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान मेरठ की प्रधान वैज्ञानिक रितेश शर्मा ने बासमती धान बीज के उत्पादन तथा गुणवत्ता एवं प्रबंधन की जानकारी दी।
इस अवसर पर आईवीआरआई की वैज्ञानिक डॉ श्रुति ने संस्था के द्वारा नवीनतम अनुसंधान एवं किसानों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। संस्थान के उद्यान विशेषज्ञ डॉ रणजीत सिंह ने औधानिक फसलों की बारे में जानकारी दी एवं जिला कृषि अधिकारी ने सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी प्रदान की।
रामपुर के लीड बैंक मैनेजर श्री मदन मोहन प्रसाद ने बैंक द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। मेले में भूमि संरक्षण अधिकारी रामपुर डी सी डी एफ के चेयरमैन श्री सुभाष गुप्ता, सदस्य जिला पंचायत टेकचंद गंगवार एवं पूर्व मुख्य विकास अधिकारी श्री रामरक्षपाल यादव आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
केंद्र के अध्यक्ष डॉ मयंक कुमार राय ने मेले में आए सभी अतिथियों, आगंतुकों एवं किसानों का धन्यवाद ज्ञापित किया। मेले में डॉ सुनीता पंत, डॉ आशीष कुमार, श्री जी डी देवराडी, श्री बीएस नेगी, श्री विनोद कुमार, कमल कुमार के साथ आनंद कुमार ने सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर नरेंद्र सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं नोडल ऑफिसर फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना ने किया।