पर्युषण समाज में नैतिक मूल्यों व स्वयं के आत्मावलोकन का पर्व

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पर्युषण समाज में नैतिक मूल्यों व स्वयं के आत्मावलोकन का पर्व

Tuesday, August 26, 2025 | August 26, 2025 Last Updated 2025-08-26T16:12:08Z
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पर्युषण समाज में नैतिक मूल्यों व स्वयं के आत्मावलोकन का पर्व
*बहजोई में श्री दिगंबर जैन मंदिर में धूमधाम से मनाया जाएगा पर्युषण महापर्व*

बहजोई: श्री दिगंबर जैन सभा बहजोई के तत्वावधान में श्री दिगंबर जैन मंदिर बहजोई में आगामी पर्युषण महापर्व भाद्रपद पंचमी से लेकर आसोज वदी एकम तक तदनुसार 28 अगस्त से 08 सितंबर तक बड़े हर्षोल्लास और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।
इस अवसर पर जैन सिद्धांतों में वर्णित धर्म के दस लक्षणो उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन और उत्तम ब्रह्मचर्य का स्वाध्याय, अनुसरण, पूजन एवं विधान के माध्यम से आत्मा के मूल धर्म को अंगीकार करने का आव्हान किया जाएगा।

महापर्व के दौरान मंदिर परिसर में विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन होंगे, जिनमें सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं, णमोकार महामंत्र पाठ, दस लक्षण विधान, सुगंध दशमी पूजन, अनंत चतुर्दशी व्रत और अंत में क्षमावाणी महोत्सव का सामूहिक आयोजन प्रमुख रहेंगे।

श्री दिगंबर जैन सभा बहजोई के महामंत्री सम्भव जैन ने कहा कि पर्युषण महापर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मा की शुद्धि और समाज में नैतिक मूल्यों को स्थापित करने का महान अवसर है। यह पर्व हमें आत्मावलोकन करने,

 अपनी भूलों के लिए क्षमा मांगने तथा दूसरों को क्षमा करने का सन्देश देता है। उन्होंने आगे कहा कि युवा पीढ़ी को धर्म और संस्कृति से जोड़ने हेतु विशेष सांस्कृतिक व शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह पर्व संपूर्ण समाज को एकजुट कर, संयम और आत्मिक उन्नति का संदेश देता है।
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