विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विजन डॉक्यूमेंट 2047 पर गोष्ठी कर लिए सुझाव

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विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विजन डॉक्यूमेंट 2047 पर गोष्ठी कर लिए सुझाव

Monday, September 8, 2025 | September 08, 2025 Last Updated 2025-09-08T14:55:24Z
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विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विजन डॉक्यूमेंट 2047 पर गोष्ठी कर लिए सुझाव
सकारात्मक सोच व दृढ़ विश्वास से बनेगा अपना उत्तर प्रदेश समृद्ध व विकसित
बदायूँ : 08 सितम्बर। विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश, आत्म निर्भर भारत-आत्म निर्भर उत्तर प्रदेश 2047 अभियान के लिए विजन डॉक्यूमेंट 2047 बनाए जाना है। इसके लिए जनपद में विभिन्न क्षेत्रों के चार प्रबुद्धजन व नोडल अधिकारी ने विभिन्न लक्षित समूहों के साथ कार्यशाला का आयोजन कर उनके विचारों को सुना व उनके सुझाव लिए। प्रबुद्धजनों व नोडल अधिकारी आयुक्त जीएसटी नितिन बंसल ने कहा कि आगामी 05 अक्टूबर 2025 तक लक्षित समूह व आमजन बारकोड स्कैन कर वेबसाइट पर अपने सुझाव दे सकते हैं।
समृद्ध उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश के लिए शासन स्तर से नामित 04 प्रबुद्धजनों में जनपद बदायूं के पूर्व जिलाधिकारी व पूर्व मंडलायुक्त चित्रकूट मण्डल (सेवानिवृत्त आई0ए0एस0) दिनेश कुमार सिंह, रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली की प्रोफेसर संतोष अरोरा, कृषि विश्वविद्यालय कानपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ0 संतोष कुमार विश्वकर्मा व सेवानिवृत्त मुख्य अभियन्ता यू0पी0पी0सी0एल0 राजेश कुमार सिंह तथा आयुक्त जीएसटी व जनपद के नोडल अधिकारी नितिन बंसल ने बताया कि विकसित भारत व विकसित उत्तर प्रदेश बनाने में सभी का सहयोग अपेक्षित है। सभी सकारात्मक सोच व दृढ़ विश्वास के साथ इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि समृद्ध उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान सभी उत्तर प्रदेश वासियों का अभियान है और वह आगामी 05 अक्टूबर 2025 तक अपने सुझाव बारकोड स्कैन पर वेबसाइट http://samarthuttarpradesh.up.gov.in पर दे सकते हैं।
आयुक्त जीएसटी व जनपद के नोडल अधिकारी नितिन बंसल ने कहा कि सरकार ने जीएसटी का सरलीकरण कर 5 प्रतिशत व 18 प्रतिशत जीएसटी प्रावधानित किया है जिसका सभी उपस्थित उद्यमियों का व्यापारियों ने स्वागत किया व इसे एक स्वागत योग्य कदम बताया। उन्होंने बताया कि सिंथेटिक मेंथा पर 18 प्रतिशत व नेचुरल मेंथा पर 5 प्रतिशत जीएसटी का प्रावधान किया गया है जिससे उद्यमियों व व्यापारियों को लाभ होगा। उन्होंने बताया कि जीएसटी के आने के बाद व्यापारियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है तथा जीएसटी संग्रह भी लगभग 5 गुना बड़ा है।
जनपद बदायूं के पूर्व जिलाधिकारी व पूर्व मंडलायुक्त चित्रकूट मंडल दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि देश व प्रदेश ने बहुत तरक्की की है। देश व प्रदेश तेजी से प्रगति पथ पर अग्रसर है। उन्होंने गंभीरतापूर्वक सभी के सुझावों को सुना व उसको सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन भी दिया।
जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि समृद्ध उत्तर प्रदेश, विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान के लिए 12 चिन्हित सेक्टर बनाए गए हैं, जिनमें कृषि एवं संबद्ध सेक्टर, पशुधन संरक्षण सेक्टर, औद्योगिक विकास सेक्टर, आईटी एवं इमर्जिंग टेक्नॉलॉजी सेक्टर, पर्यटन सेक्टर, नगर एवं ग्राम्य विकास सेक्टर, अवस्थापना सेक्टर, संतुलित विकास सेक्टर, समाज कल्याण सेक्टर, स्वास्थ्य सेक्टर, शिक्षा सेक्टर, सुरक्षा एवं सुशासन सेक्टर शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि तीन प्रमुख थीम अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति व जीवन शक्ति पर विजन डॉक्यूमेंट 2047 आधारित होगा, जोकि जनभागीदारी के साथ बनाया जाएगा। इसके लिए वर्ष 2019 से 30 तक के लिए लघु अवधि के लक्ष्य तथा वर्ष 2030 से 2047 के लिए मध्यम व दीर्घ अवधि के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि ग्राम स्तर पर बच्चों के जन्म पंजीकरण के लिए तीन एफिडेविट की जगह एक एफिडेविट की व्यवस्था की जा रही है। डीएम ने विभिन्न उद्यमियों, व्यापारियों पंजीकृत श्रमिक संगठनों आदि द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों व सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए उनका उत्तर देकर उनको संतुष्ट किया।
मुख्य विकास अधिकारी केशव कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर भी समृद्ध उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान के लिए गोष्ठियां आयोजित की जाएगी ताकि ग्राम स्तर से भी सुझाव लिए जा सके। उन्होंने कहा कि 2027 तक उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है जिसके लिए प्रत्येक जनपद में ओटीडी (वन ट्रिलियन डॉलर) सेल बनाया गया है जिसकी विभिन्न बैठकें भी जनपद में कराई जा चुकी हैं।
कलेक्ट्रेट स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित उद्यमियों व व्यापारियों की गोष्ठी में उनके द्वारा एक जनपद एक उत्पाद में जरी-जरदोजी के अतिरिक्त मेंथा व फर्नीचर उद्योग को भी जोड़ने की मांग की गई जिस पर आयुक्त जीएसटी ने बताया कि इसमें अन्य उत्पाद भी जोड़े जा सकते हैं। वही उद्यमियों द्वारा जनपद में खाद्य प्रसंस्करण यूनिट की स्थापना, डेयरी उद्योग को बढ़ावा देना, पर्यटन विकास तथा कछला को पर्यटक स्थल घोषित करने, नई दिल्ली व लखनऊ के लिए सीधे रेल लाइन बनाने आदि मांगे रखी गई जिसका नोडल अधिकारी आयुक्त जीएसटी नितिन बंसल व जिलाधिकारी अवनीश राय ने मांगों को शासन तक पहुंचाने तथा उस पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया।
पंजीकृत श्रमिक संगठन व गैर सरकारी संगठन (एन0जी0ओ0) की कार्यशाला में वक्ताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार की आधुनिक सोच की प्रशंसा की तथा विजन डॉक्यूमेंट 2047 बनाए जाने के लिए विभिन्न लक्षित समूह व आमजन से सुझाव लेने के प्रयासों की सराहना भी की। विभिन्न संगठनों द्वारा ग्राम स्तर पर गठित विभिन्न समितियांं को क्रियाशील करने, न्याय पंचायत स्तर व ब्लॉक स्तर पर कौशल विकास करने, खेलों को बढ़ावा देने, सशक्त मजदूर आदि विभिन्न मांगे रखी गई व सुझाव दिए गए जिसका

 सकारात्मक उत्तर संबंधित अधिकारियों द्वारा दिया गया। वहीं राजकीय महाविद्यालय आवास विकास में भी प्रबुद्धजनों ने उच्च शिक्षा से जुड़े अध्यापकों व छात्र-छात्राओं को सरकार की मंशा से अवगत कराते हुए उनके सुझाव भी लिए।
उद्यमियों, व्यापारियों, पंजीकृत श्रमिक संगठनों, गैर सरकारी संगठनों आदि के प्रतिनिधियों ने कहा कि आमजन में राष्ट्रीयता की भावना उजागर हो तथा यह अभियान एक आमजन का अभियान बने ताकि विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को पाया जा सके। इस अवसर पर सम्बंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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