डीएम की अध्यक्षता में किसान दिवस बैठक का आयोजन I
बुद्धवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर बहजोई के सभागार में किसान दिवस बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में उपस्थित कृषि विज्ञान केन्द्र से आये कृषि वैज्ञानिक डा० महावीर द्वारा समसामायिक फसल धान की अधिक पैदावार एवं इन फसलों में होने वाले कीटरोग नियंत्रण हेतु विस्तृत जानकारी से किसानों को जागरूक किया गया। साथ ही फसलों में लगने वाले उर्वरक यथा डी०ए०पी०, एन०पी० के० एवं एस०एस०एफ० के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए इनके खेतों में इस्तेमाल एवं इनकी भूमि द्वारा अवशोषित होने वाली मात्रा के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही मिट्टी की उर्वरक क्षमता में सुधार हेतु सोनी जो पी०एस०बी० का इस्तेमाल करने हेतु भी जागरूक किया गया। डा० महावीर द्वारा बैठक में उपस्थित कृषकों को भूमि उत्पादकता सुधार हेतु जीवामृत बनाने की विधि के बारे में अवगत कराया गया।
उप कृषि निदेशक, सम्भल द्वारा पी०एम० सूर्यघर मुफ्त बिजली योजनान्तर्गत रूफटॉप पर सोलर पेनल लगवाये जाने से बिजली बिल में होने वाले धनलाभ के बारे में जागरूक किया गया। किसानों को पी०एम० कुसुम योजनान्तर्गत सोलर पंप लगवाये जाने एवं कृषि विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाऐं यथा कृषि यंत्रीकरण योजना, मिलेट्स पुन्रुद्धार योजना आदि के लाभों से भी अवगत कराया गया
साथ ही श्री अन्न फसलों के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों के प्रति भी जागरूक किया गया। कृषकों को वर्तमान सीजन में निर्वाध रूप से सोसाइटी, प्राइवेट दुकानों, एफ०पी०ओ० एवं एग्रीजक्शन केन्द्रों के माध्यम से खाद, यूरिया, एन०पी० के० एवं डी०ए०पी० उपलब्ध कराया जाना अवगत कराया एवं पाराली न जलाये जाने हेतु जागरूक भी किया। साथ ही कृषकों को पराली जलाने के कारण पर्यावरण को होने वाले दुष्प्रभावों एवं अधिरोपित होने
वाला जुर्माना से भी अवगत कराया। बैठक में कृषकों द्वारा जनपद में खाद वितरण एवं आपूर्ति की प्रबल समस्या से सम्बन्धित अधिकारागण को संज्ञान में लाया गया एवं विभागों में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध की गयी।जिलाधिकारी महोदय द्वारा जनपद के कृषकों को वर्तमान में बीजों के तेजी से बढ़ते मूल्यों के कारण बीजों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने हेतु जागरूक किया गया। साथ ही किसानों को रसायनिक खेती के दुष्प्रभावों से सचेत करने हेतु जैविक
खेती को अपनाने हेतु निर्देशित किया गया एवं यह भी अवगत कराया गया कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचने के लिए जैविक खेती को एक मात्र विकल्प के रूप में अपनाने हेतु जागरूक भी किया एवं किसानों को वर्तमान सीजन में खाद की आपूर्ति को निर्बाध रूप से कृषक को उपलब्ध कराये जाने हेतु आश्वस्त किया। साथ ही पराली जलाये जाने पर होने वाली दण्डनीय कार्यवाही से कृषकों को सचेत भी किया
। किसानों से निर्धारित मात्रा के अनुरूप खेतों में खाद का उपयोग करने हेतु,निर्देशित किया गया। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सम्भल, जिला उद्यान अधिकारी सम्भल, जिला कृषि अधिकारी सम्भल एवं समस्त मण्डी सचिव आदि जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
(अरूण कुमार त्रिपाठी) उप कृषि निदेशक सम्भल ।