संवाददाता नेत्रपाल सिंह
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बहजोई महाविद्यालय, बहजोई में बहजोई महाविद्यालय, बहजोई में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जयंती को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । कार्यक्रम में मिशन शक्ति 5.0 के तहत महाविद्यालय में सांकेतिक सचिव और सांकेतिक प्राचार्या की एकदिवसीय नियुक्ति की गई। सांकेतिक सचिव के रूप में वैष्णवी रस्तोगी तथा सांकेतिक प्राचार्य के रूप में हुज़ैमा फारुख को नियुक्त किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत दि बहजोई एजुकेशन डवलपमेंट ट्रस्ट, बहजोई के अध्यक्ष राजेंद्र बाबू, महाविद्यालय प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष लव कुमार सर्राफ, उपाध्यक्ष विपिन कुमार गुप्ता, सचिव अजय कुमार ‘आयरन’ तथा सांकेतिक सचिव वैष्णवी रस्तौगी, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ वीरेंद्र कुमार गुप्ता तथा सांकेतिक प्राचार्या हुज़ैमा फारुख ने ध्वजारोहण करके की। इसी क्रम में मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर व गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी की चित्र पर माल्यार्पण किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जयंती की शुभकामनाएं दी तथा बापू जी के स्वच्छता के सपने को साकार करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि आज ऐसे दो अनमोल रत्नों का जन्म इस देश में हुआ जिसमें एक अहिंसा के पुजारी बापू जी और दूसरे राष्ट्र हित में कड़े फैसले लेने वाले लाल बहादुर शास्त्री थे। राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गीता ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हमारे लिए बहुत ही विशेष हैं क्योंकि आज हमारे देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के दूसरे प्रधानमंत्री का जन्मदिन हैं। इन दोनों नेताओं ने हमारे देश के लिए अपना अहम योगदान दिया हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनीति विज्ञान के सहायक आचार्य नेमपाल सिंह यादव ने गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन पर प्रकाश डाला और कहां कि विद्यार्थी जीवन में इन दोनों महापुरुषों के जीवन से आप बहुत कुछ सीख सकते हैं। चर्चा के दौरान संवैधानिक संशोधनों का भी उल्लेख किया गया, जिसके माध्यम से मौलिक कर्तव्यों को संविधान में शामिल किया गया, और शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार के साथ-साथ एक ग्यारहवें कर्तव्य के रूप में जोड़ा गया। इस आयोजन का उद्देश्य नागरिकों को संविधान के प्रति अपने दायित्वों को समझने और उनका पालन करने के लिए प्रेरित करना था, ताकि वे अमृत काल में एक ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान दे सकें। इसके साथ ही सांकेतिक सचिव वैष्णवी रस्तोगी ने अपने वक्तव्य में कहा कि "चूंकि नई शिक्षा नीति के चलते नए पाठ्यक्रम में बदलाव हुए हैं साथ ही गुरु जम्भेश्वर विश्विद्यालय का अनावरण हुआ है जिसके चलते पुस्तकालय में पुस्तकों की आवश्यकता बढ़ी है अतः इस संबंध में विद्यार्थियों को नई पुस्तकें उपलब्ध करने के संबंध में दिशा निर्देश दिए। सांकेतिक प्राचार्य हुज़ैमा फारुख ने अपने वक्तव्य में कहा कि
महाविद्यालय के समस्त विद्यार्थियों को सभी प्रकार की प्रतियोगिताओं में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करने के लिए दिशा निर्देश दिए ताकि विद्यार्थियों की प्रतिभा का चहुंमुखी विकास हो सकें। कार्यक्रम में महाविद्यालय स्टाफ की डॉ. गीता, गौरव वार्ष्णेय, नेमपाल सिंह यादव, गीता रानी, संजय कुमार, पूजा शर्मा, प्रीति शर्मा, विष्णुदत्त शर्मा, मेघा मेहरोत्रा, भगवान सिंह चौहान, यशपाल सिंह यादव, रामतीरथ, भुवनेश कुमार, राजीव कुमार आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम में मिशन शक्ति 5.0 के तहत महाविद्यालय में सांकेतिक सचिव और सांकेतिक प्राचार्या की एकदिवसीय नियुक्ति की गई। सांकेतिक सचिव के रूप में वैष्णवी रस्तोगी तथा सांकेतिक प्राचार्य के रूप में हुज़ैमा फारुख को नियुक्त किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत दि बहजोई एजुकेशन डवलपमेंट ट्रस्ट, बहजोई के अध्यक्ष राजेंद्र बाबू, महाविद्यालय प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष लव कुमार सर्राफ, उपाध्यक्ष विपिन कुमार गुप्ता, सचिव अजय कुमार ‘आयरन’ तथा सांकेतिक सचिव वैष्णवी रस्तौगी,
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ वीरेंद्र कुमार गुप्ता तथा सांकेतिक प्राचार्या हुज़ैमा फारुख ने ध्वजारोहण करके की। इसी क्रम में मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर व गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी की चित्र पर माल्यार्पण किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जयंती की शुभकामनाएं दी तथा बापू जी के स्वच्छता के सपने को साकार करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि आज ऐसे दो अनमोल रत्नों का जन्म इस देश में हुआ जिसमें एक अहिंसा के पुजारी बापू जी और दूसरे राष्ट्र हित में कड़े फैसले लेने वाले लाल बहादुर शास्त्री थे। राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गीता ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हमारे लिए बहुत ही विशेष हैं क्योंकि आज हमारे देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के दूसरे प्रधानमंत्री का जन्मदिन हैं। इन दोनों नेताओं ने हमारे देश के लिए अपना अहम योगदान दिया हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनीति विज्ञान के सहायक आचार्य नेमपाल सिंह यादव ने गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन पर प्रकाश डाला और कहां कि विद्यार्थी जीवन में इन दोनों महापुरुषों के जीवन से आप बहुत कुछ सीख सकते हैं। चर्चा के दौरान संवैधानिक संशोधनों का भी उल्लेख किया गया, जिसके माध्यम से मौलिक कर्तव्यों को संविधान में शामिल किया गया, और शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार के साथ-साथ एक ग्यारहवें कर्तव्य के रूप में जोड़ा गया
। इस आयोजन का उद्देश्य नागरिकों को संविधान के प्रति अपने दायित्वों को समझने और उनका पालन करने के लिए प्रेरित करना था, ताकि वे अमृत काल में एक ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान दे सकें। इसके साथ ही सांकेतिक सचिव वैष्णवी रस्तोगी ने अपने वक्तव्य में कहा कि "चूंकि नई शिक्षा नीति के चलते नए पाठ्यक्रम में बदलाव हुए हैं साथ ही गुरु जम्भेश्वर विश्विद्यालय का अनावरण हुआ है जिसके चलते पुस्तकालय में पुस्तकों की आवश्यकता बढ़ी है अतः इस संबंध में विद्यार्थियों को नई पुस्तकें उपलब्ध करने के संबंध में दिशा निर्देश दिए। सांकेतिक प्राचार्य हुज़ैमा फारुख ने अपने वक्तव्य में कहा कि
महाविद्यालय के समस्त विद्यार्थियों को सभी प्रकार की प्रतियोगिताओं में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करने के लिए दिशा निर्देश दिए ताकि विद्यार्थियों की प्रतिभा का चहुंमुखी विकास हो सकें। कार्यक्रम में महाविद्यालय स्टाफ की डॉ. गीता, गौरव वार्ष्णेय, नेमपाल सिंह यादव, गीता रानी, संजय कुमार, पूजा शर्मा, प्रीति शर्मा, विष्णुदत्त शर्मा, मेघा मेहरोत्रा, भगवान सिंह चौहान, यशपाल सिंह यादव, रामतीरथ, भुवनेश कुमार, राजीव कुमार आदि मौजूद रहे।