मामला दिनांक 22. 1.2026 ग्राम परम का है जहां की रहने वाली सुंदरवा के पति अरविंद जो कि इस समय देवोत्तम हॉस्पिटल मिलक में भारती हैं सुंदरवा के देवर अनमोल जो की 22 .1. 2006 को भंडारे में लोगों को खाना परोस रहा था तो गांव के कुछ व्यक्ति जिनके नाम आलोक अनूप पुत्र महेंद्र
, महेंद्र पुत्र प्रसादी ग्राम परम आदि ने जल्दी खाना परोसने का दबाव बनाना शुरू कर दिया अनमोल का कहना था कि मैं क्रम से सभी को खाना परोसुगा पर उक्त व्यक्ति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए जल्दी खाना परोसने का दबाव बना रहे थे भंडारे के उपरांत जब अनमोल अपने घर जा रहा था
तब उपरोक्त व्यक्तियों ने उसे रास्ते में घेर लिया और लाठी डंडों से हमला करना शुरू कर दिया शोर सुनकर उसका बड़ा भाई अरविंद ने आकर अपने भाई का बीच बचाव किया पर हमलावर इतने पर भी नहीं माने उन्होंने अनमोल को छोड़कर उसके बड़े भाई अरविंद पर जानलेवा हमला करना शुरू कर दिया इन लोगों ने अरविंद को इतना मारा की अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया तभी गांव के कुछ लोगों ने बीच बचाव कर उसको बामुश्किल छुड़ाया लोगों का कहना है
अगर उसे नहीं बताया बचाया जाता तो शायद उसकी मौत हो सकती थी
सोचने की बात है क्या खाना जल्दी ना परोसना इतनी बड़ी बात थी कि पांच छै लोगो द्वारा युवक पर जान लेवा हमला किया गया आज उसकी यह स्थिति है कि वह जिंदगी और मौत से जूझ रहा है परिवार वालों का आरोप है
कि हम इस घटना को लेकर शिकायत करने जब चौकी व कोतवाली गए तो वहां पर हमारी कोई सुनवाई नहीं की गई ना ही हमारी एफ आई आर लिखी गई हमें टालमटोल करके वहां से भगा दिया गया ओर ना ही हमारा मेडिकल कराया गया