बरेली में टेली लॉ जागरूकता कार्यक्रम, डिजिटल माध्यम से न्याय की राह और सशक्त हुई
बरेली।
आम नागरिकों को त्वरित, सुलभ और भरोसेमंद कानूनी सहायता से जोड़ने के उद्देश्य से गुरुवार को विकास भवन सभागार में टेली लॉ योजना पर आधारित व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, वीएलई (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर) की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण व
शहरी क्षेत्रों के लोगों को न्यायिक सेवाओं के डिजिटल विकल्पों से परिचित कराना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्रम परिवर्तन अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। अपने संबोधन में श्रम परिवर्तन अधिकारी ने कहा कि “सुशासन की बुनियाद तभी
मजबूत होती है, जब अंतिम व्यक्ति तक अधिकारों की जानकारी और सहायता पहुंचे। टेली लॉ जैसी योजनाएं प्रशासन और नागरिक के बीच की दूरी को कम करती हैं और समस्याओं के समाधान को सरल बनाती हैं।” उन्होंने वीएलई की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर गांव-गांव में न्यायिक जागरूकता का मजबूत माध्यम बन रहे हैं। कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता टेली लॉ के
राज्य समन्वयक वागीश सिंह ने अलग दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि “टेली लॉ केवल कानूनी सलाह देने की सेवा नहीं, बल्कि नागरिकों में कानून के प्रति भरोसा और समझ विकसित करने का मंच है। जब लोग अपने अधिकार और दायित्व समय पर समझ लेते हैं, तो विवाद स्वतः ही कम होने लगते हैं।”
उन्होंने बताया कि तकनीक के माध्यम से कानूनी जानकारी को सहज भाषा में पहुंचाना इस योजना की सबसे बड़ी ताकत है, जिससे लोग बिना भय और झिझक अपनी समस्याओं पर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान टेली लॉ की कार्यप्रणाली, सीएससी के माध्यम से परामर्श लेने की प्रक्रिया और इससे मिलने वाले सामाजिक लाभों पर भी प्रकाश डाला गया।
वीएलई ने अनुभव साझा करते हुए बताया कि योजना से लोगों को अदालत जाने से पहले सही दिशा मिल रही है, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है।
इस कार्यक्रम में जोनल मैनेजर मनमोहन यादव और 120 सीएससी केंद्र प्रभारी मौजूद रहे।