सम्भल:
बहजोई महाविद्यालय, बहजोई के प्रांगण में आज शनिवार को राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर का अत्यंत गरिमामयी एवं भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं संस्थापक समिति के प्रबंधक श्रवण कुमार, प्रबंध समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार ‘नेता जी’, सचिव नीरज कुमार ‘
गोपी ऑयल मिल्स’ एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र कुमार गुप्ता आदि अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर एवं पुष्प अर्पित कर किया। कार्यक्रम के प्रारंभिक चरण में स्वयंसेवियों की प्रतिभा का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसमें श्रेया और अंशु ने सुमधुर स्वर में 'मां सरस्वती वंदना' प्रस्तुत की। तत्पश्चात अतिथियों के सम्मान में रोशनी और संजना ने स्वागत गीत की प्रस्तुति दी।
राष्ट्रीय सेवा योजना के गौरव को रेखांकित करते हुए स्वयंसेवी प्रीति, रजनी और पुष्पा ने 'एनएसएस लक्ष्य गीत' पर अपनी ओजस्वी प्रस्तुति से उपस्थित सभी लोगों में उत्साह का संचार कर दिया। इसी क्रम में स्वयंसेवी रश्मि वार्ष्णेय ने अपनी काव्य पंक्तियों "यहां सब कुछ बिकता रहना जरा संभाल के..." के माध्यम से सामाजिक विसंगतियों पर कटाक्ष करते हुए अत्यंत मार्मिक प्रस्तुति दी।
बौद्धिक सत्र के दौरान बी.ए. तृतीय सेमेस्टर की स्वयंसेवी नीतू ने राष्ट्रीय सेवा योजना के मूलभूत उद्देश्यों और इसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। शिक्षाशास्त्र के सहायक आचार्य यशपाल सिंह ने स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए कहा कि एनएसएस का मुख्य ध्येय विद्यार्थियों के भीतर राष्ट्र सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का भाव जागृत करना है। इंटरमीडिएट कॉलेज बहजोई के प्रबन्धक विकास वार्ष्णेय ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपने मूल कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हुए
कठिन परिश्रम करना चाहिए, ताकि हम अपने माता-पिता और राष्ट्र का नाम रोशन कर सकें। विशिष्ट अतिथि एडवोकेट अरविंद वार्ष्णेय ने शिविर के तकनीकी और व्यावहारिक पक्षों पर प्रकाश डालते हुए एनएसएस के महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। इसी क्रम में प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष डॉ. सोमप्रकाश वार्ष्णेय ने स्वास्थ्य की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है,
अतः स्वयं को स्वस्थ रखकर ही हम समाज की बेहतर सेवा कर सकते हैं। आधुनिक युग की चुनौतियों को देखते हुए अतिथि इंजीनियर अमित कुमार ने स्वयंसेवियों को 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) के भविष्य और इसके अनुप्रयोगों के बारे में विस्तृत तकनीकी जानकारी साझा की। वार्ष्णेय इंटर कॉलेज के अध्यक्ष एवं विशिष्ट अतिथि सतीश चंद्र वार्ष्णेय ने विद्यार्थियों को परामर्श दिया कि वे तन, मन और धन से एकाग्र होकर शिक्षा ग्रहण करें ताकि वे समाज के लिए एक आदर्श स्थापित कर सकें। महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव नीरज कुमार ‘गोपी ऑयल मिल्स’
ने युवाओं में बढ़ती मोबाइल की लत पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मोबाइल फोन का प्रयोग केवल आवश्यकतानुसार और ज्ञानार्जन के लिए करें तथा समय के सदुपयोग की कला सीखें। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रवण कुमार ने भावुक होते हुए कहा कि जिस संस्था रूपी पौधे को उन्होंने रोपित किया था, आज उसे एक विशाल वटवृक्ष के रूप में फलते-फूलते देखकर उनका हृदय गदगद है।
उन्होंने स्वयंसेवियों से अपने सुनहरे भविष्य के निर्माण हेतु समय की महत्ता को समझने का आह्वान किया। अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने समस्त अतिथियों एवं नवनिर्वाचित प्रबंध समिति के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया और स्वयंसेवियों का मार्गदर्शन करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का सफल एवं कुशल संचालन कार्यालय अधीक्षक भगवान सिंह चौहान द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय स्टाफ के गौरव वार्ष्णेय, गीता रानी, डॉ. विष्णुदत्त शर्मा, ममता, यशपाल सिंह, रामतीरथ, प्रीति शर्मा, पूजा शर्मा, नेमपाल सिंह यादव सहित समस्त कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्वयंसेवी उपस्थित रहे।