एकदिवसीय विशेष शिविर का सफल आयोजन किया गया।
09 फरवरी 2026 दिन सोमवार को बहजोई महाविद्यालय, बहजोई की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वाधान में बहजोई देहात मलिन बस्ती वार्ड नंबर 12 में एकदिवसीय विशेष शिविर का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में बड़ी संख्या में एकत्रित हुए स्वयंसेवकों और स्वयंसेविकाओं को राष्ट्रीय सेवा योजना के मूल सिद्धांतों और 'स्वयं से पहले आप' के आदर्श वाक्य से परिचित कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि किस प्रकार एक अनुशासित स्वयंसेवक समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संवाहक बन सकता है और राष्ट्र निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकता है। द्वितीय सत्र का मुख्य केंद्र 'पर्यावरण संरक्षण' रहा, जिसकी औपचारिक शुरुआत कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गीता ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण कर की। इस सत्र में उपस्थित सभी स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए पर्यावरण के गिरते स्तर और जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही स्वयंसेवकों को बताया कि
वृक्षारोपण, जल संचयन और प्लास्टिक मुक्त जीवन शैली अपनाकर ही हम अपनी धरती को रहने योग्य बनाए रख सकते हैं। कार्यक्रम के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर सभी उपस्थित छात्र-छात्राओं को सामूहिक रूप से पर्यावरण को प्रदूषित न करने और प्रकृति की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने की शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र कुमार गुप्ता जी ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों के भीतर पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता जगाते हुए अत्यंत प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि आज के समय में पर्यावरण का संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं बल्कि एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है।
प्राचार्य जी ने जोर देकर कहा कि यदि हम अपने भविष्य को सुरक्षित और खुशहाल देखना चाहते हैं, तो हमें आज से ही प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर चलना होगा, क्योंकि प्रकृति के बिना मानव जीवन के अस्तित्व की कल्पना करना असंभव है। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक स्वयंसेवक को अपने जीवन के विशेष अवसरों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए, तभी हम वास्तव में अपने जीवन और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रख पाएंगे। इसके साथ ही बस्ती में भ्रमण करके समाज में पर्यावरण संरक्षण के विषय में संदेश दिया गया।