जनपद बरेली/ कोमल फाउंडेशन द्वारा उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बरेली के सहयोग से तथा पर्यावरण निदेशालय उत्तर प्रदेश की जिला योजना वित्तीय वर्ष 2025–26 के अंतर्गत पर्यावरण निबंध प्रतियोगिता एवं पर्यावरण जन-जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन ऋषिदेव आदर्श विद्या निकेतन जूनियर हाई स्कूल, टिसुआ एवं ओम पब्लिक स्कूल, फरीदपुर में किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा। इस अवसर पर आयोजित पर्यावरण निबंध प्रतियोगिता में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मोमेंटो एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त पाँच विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राज्य युवा पुरस्कार विजेता एवं कोमल फाउंडेशन के अध्यक्ष अश्वनी कुमार राजौरिया ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। हमें दैनिक जीवन में छोटे-छोटे प्रयास—जैसे जल की बचत, ऊर्जा संरक्षण, प्लास्टिक का त्याग और अधिक से अधिक पौधारोपण—को अपनाना होगा। जब तक समाज का हर व्यक्ति जागरूक नहीं होगा, तब तक पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बरेली के प्रयोगशाला सहायक लक्ष्मी नारायण ने कहा कि पॉलीथीन और एकल-उपयोग प्लास्टिक पर्यावरण के सबसे बड़े शत्रु हैं। ये न केवल भूमि की उर्वरता को प्रभावित करते हैं, बल्कि जल स्रोतों और पशु-पक्षियों के लिए भी घातक सिद्ध होते हैं। हमें कपड़े या जूट के थैलों का उपयोग कर प्लास्टिक मुक्त समाज की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।
ग्राम पंचायत टिसुआ के प्रधान बुधपाल सिंह और ऋषिदेव आदर्श विद्या निकेतन जूनियर हाई स्कूल के प्रबंधक सुखपाल शर्मा ने कहा कि विद्यालय स्तर से ही बच्चों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना आवश्यक है। आज के विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।
ओम पब्लिक स्कूल, फरीदपुर के प्रबंधक अनूप गुप्ता ने अपने वक्तव्य में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक विषय नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। विद्यालय परिवार सदैव ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का समर्थन करता रहेगा।
कार्यक्रम में मदन गोपाल, लाखन सिंह सहित अन्य शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम समापन के बाद आयोजकों के द्वारा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।