नेशनल 24
अमित कुमार जोशी
रामपुर!पेश किए गए बजट से देश के छोटे और सीमांत किसानों को बड़ी निराशा हाथ लगी है। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष वीरेश शर्मा का कहना है कि बजट में किसानों की जमीनी समस्याओं को नजरअंदाज किया गया है।
कृषि यंत्रों पर अधिक जीएसटी, किसान सम्मान निधि जैसी महत्वाकांक्षी योजना को प्रभावी रूप से आगे न बढ़ाया जाना और केसीसी कार्ड की सीमा 5 लाख रुपये तक बढ़ाने की घोषणा के बावजूद उसका धरातल पर लागू न होना किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
किसानों का आरोप है कि सरकार ने बजट में खाद, बीज और डीज़ल की लगातार बढ़ती कीमतों पर कोई ठोस राहत देने की घोषणा नहीं की। यदि इन आवश्यक कृषि आदानों की कीमतों पर नियंत्रण किया जाता, तो किसानों को सीधा और वास्तविक लाभ मिल सकता था। महंगाई की मार झेल रहे
किसानों के लिए यह बजट राहत देने के बजाय बोझ बढ़ाने वाला साबित हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे किसानों के लिए खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम बजट में नदारद रहे। ऐसे में बजट से किसानों की उम्मीदों को करारा झटका लगा है।
भारतीय किसान संघ ने मांग की है कि सरकार जल्द ही जीएसटी में कटौती, केसीसी सीमा के वास्तविक क्रियान्वयन और कृषि आदानों की कीमतों पर नियंत्रण जैसे मुद्दों पर ठोस निर्णय ले, ताकि अन्नदाता को वास्तविक राहत मिल सके।