संस्कार, समरसता और राष्ट्रबोध को सुदृढ़ करने की आवश्यकता: कुलदीप कुमार।

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संस्कार, समरसता और राष्ट्रबोध को सुदृढ़ करने की आवश्यकता: कुलदीप कुमार।

Sunday, February 1, 2026 | February 01, 2026 Last Updated 2026-02-01T15:37:52Z
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संस्कार, समरसता और राष्ट्रबोध को सुदृढ़ करने की आवश्यकता: कुलदीप कुमार।
----------------------- संवाददाता नेत्रपाल सिंह
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बहजोई: बहजोई खंड के ग्राम फतेहपुर समशोई स्थित श्री सिद्ध समाधी बाबा आश्रम में आज एक भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन श्रद्धा, उत्साह और अनुशासन के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता की आरती से हुआ। इससे पूर्व विधि-विधानपूर्वक हवन-पूजन कर विश्व कल्याण की भावना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सेवा प्रमुख कुलदीप कुमार उपस्थित रहे। अपने ओजस्वी उद्बोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए संस्कार, समरसता और राष्ट्रबोध को सुदृढ़ करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सशक्त राष्ट्र का निर्माण केवल अधिकारों की बात करने से नहीं, बल्कि कर्तव्यों के निर्वहन से होता है।

कुलदीप कुमार ने कहा कि संस्कारवान पीढ़ी ही समाज को सही दिशा दे सकती है। परिवार से प्राप्त संस्कार व्यक्ति के आचरण और चरित्र का निर्माण करते हैं, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है। उन्होंने समरसता पर बल देते हुए कहा कि जाति, वर्ग और सामाजिक भेदभाव को समाप्त कर एकात्म भाव विकसित करना समय की मांग है।

 हिन्दू समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और संगठन में निहित है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रबोध केवल नारों तक सीमित न रहकर जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए। स्वदेशी अपनाना, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सेवा, अनुशासन और सहयोग की भावना के माध्यम से प्रत्येक नागरिक राष्ट्र निर्माण में सहभागी बन सकता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया 

कि वे चरित्र निर्माण, सेवा और संगठन के माध्यम से समाज को दिशा देने का कार्य करें।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संत प्रयागनाथ महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि धर्म का वास्तविक स्वरूप मानवता, सेवा और समाज को जोड़ने में है। उन्होंने भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के संरक्षण पर बल दिया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. वीरेश कुमार, विजयवीर सिंह एवं ओमवीर सिंह खड़गवंशी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता चन्द्र महेश शर्मा ने की।

सम्मेलन के दौरान नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा स्वागत गीत, सरस्वती वंदना एवं राधा नृत्य जैसी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनकी उपस्थित जनसमूह ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
इस अवसर पर सम्भव जैन (सह जिला कार्यवाह), राजीव कुमार (प्रचारक), मुकेश कुमार सहित गजेंद्र सिंह, अश्वनी कुमार, जोगेंद्र, सूरजपाल सिंह, हितेश गुप्ता एडवोकेट, त्रिमल मौर्य, रामवीर वाल्मीकि, अरविंद शर्मा, हर्ष कुमार, राजवीर सिंह, सुरेंद्र सिंह राणा, महेशपाल सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन ब्रजेश कुमार चौहान द्वारा किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही और कार्यक्रम का समापन राष्ट्र, समाज और संस्कृति के उत्थान के संकल्प के साथ किया गया।
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