सहसवान में अवैध गैस रिफिलिंग का काला कारोबार चरम पर, घनी आबादी वाले मोहल्लों में 'बारूद' के ढेर पर जिंदगी

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सहसवान में अवैध गैस रिफिलिंग का काला कारोबार चरम पर, घनी आबादी वाले मोहल्लों में 'बारूद' के ढेर पर जिंदगी

Tuesday, March 17, 2026 | March 17, 2026 Last Updated 2026-03-17T14:50:58Z
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सहसवान में अवैध गैस रिफिलिंग का काला कारोबार चरम पर, घनी आबादी वाले मोहल्लों में 'बारूद' के ढेर पर जिंदगी
सहसवान, बदायूं।
तहसील क्षेत्र में इन दिनों अवैध गैस रिफिलिंग और सिलेंडरों के अवैध भंडारण का काला कारोबार बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, कस्बे के कई रिहाइशी मोहल्लों में फर्जी तरीके से भारी मात्रा में गैस सिलेंडर डंप किए जा रहे हैं, जो कभी भी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं।

घनी आबादी में मौत का सामान
हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल घनी आबादी वाले इलाकों के बीचों-बीच चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि व्यावसायिक और घरेलू गैस सिलेंडरों को अवैध गोदामों में छिपाकर रखा जाता है, जहाँ से छोटे सिलेंडरों में गैस रिफिलिंग का काम बेखौफ जारी है। मानक विहीन तरीके से की जा रही यह रिफिलिंग आसपास रहने वाले लोगों के लिए सीधा खतरा बनी हुई है।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
इतने बड़े पैमाने पर अवैध गैस का डंपिंग यार्ड बनने के बावजूद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग की खामोशी पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि मोहल्लों की तंग गलियों में ट्रालियों और अन्य वाहनों के जरिए सिलेंडरों की खेप पहुंचाई जाती है,

 लेकिन अब तक इस पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है यह सिलेंडर अभी ब्लैक में 1500 से ₹2000 तक में बेची जा रहे हैं इन्हीं गैस माफियाओं की वजह से क्षेत्र में गैस की लगातार कमी बनी हुई है और गैस के लिए मारामारी हो रही है 

जबकि सरकार ऐसे गैस माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाए हुए है।
हादसे को दावत देता 'फर्जी' खेल
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी डर है। 

रिहाइशी इलाकों में इस तरह सिलेंडरों का जमावड़ा किसी बड़े धमाके को दावत दे रहा है। अगर समय रहते इन 'बम' रूपी अवैध गोदामों पर छापेमारी नहीं की गई, तो सहसवान को भारी जान-माल का नुकसान झेलना पड़ सकता है।
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