रामपुर में नवनिर्मित श्री राम मंदिर में भव्य प्राण-प्रतिष्ठा, श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़
रामपुर। रामपुर स्थित श्री सनातन रामलीला कमेटी एवं श्री रामलीला पब्लिक स्कूल परिसर की जगह पर नवनिर्मित श्री राम मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत दिनांक 20 अप्रैल 2026 दिन सोमवार को मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन के साथ मूर्ति स्थापना एवं प्राण-प्रतिष्ठा समारोह संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया।
दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
इस विशेष अवसर पर मंदिर में विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्री गणेश भगवान, भगवान श्रीराम दरबार, विष्णु-लक्ष्मी नारायण, हनुमान जी, दुर्गा माता, कार्तिकेय जी तथा शिव परिवार की विधिवत स्थापना की गई। पूजा-अर्चना के दौरान हवन, आरती और मंत्रोच्चार से पूरा परिसर गूंज उठा। “जय श्रीराम” के जयघोष के बीच भक्तों ने भगवान के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
मंदिर में स्थापित भगवान श्रीराम दरबार श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। श्रद्धालु बड़ी संख्या में राम दरबार के दर्शन कर रहे थे और मंदिर की सुंदरता, मूर्तियों की कलात्मकता तथा भव्य निर्माण की प्रशंसा करते नजर आए।
कार्यक्रम में मंदिर समिति के पदाधिकारी,
रामलीला कमेटी के सदस्य, स्थानीय गणमान्य नागरिक एवं भक्तजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे। आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल रहा।
अध्यक्ष सोनी ताऊ का बयान
इस अवसर पर श्री सनातन रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सोनी ताऊ ने कहा कि,
“यह मंदिर केवल एक भवन नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, आस्था और एकता का प्रतीक है।
वर्षों से रामपुर में रामलीला के माध्यम से धर्म और संस्कारों का प्रचार किया जाता रहा है, और आज इस मंदिर की स्थापना से हमारी आस्था को नई ऊर्जा मिली है। हम चाहते हैं कि यह मंदिर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने और रामभक्ति का केंद्र बने।”
उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण में समाज के सभी वर्गों का सहयोग रहा और सभी ने मिलकर इस पावन कार्य को सफल बनाया।
महामंत्री वीरेंद्र गर्ग का इंटरव्यू
वहीं कमेटी के महामंत्री वीरेंद्र गर्ग ने कहा कि,
“मंदिर निर्माण का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार और भक्ति भावना को मजबूत करना है। आज प्राण-प्रतिष्ठा के साथ जो वातावरण बना, वह अद्भुत और अविस्मरणीय है। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति यह दर्शाती है कि रामपुर की जनता सनातन परंपराओं से कितनी जुड़ी हुई है।
आगे भी यहां नियमित पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।”
महामंत्री ने बताया कि मंदिर परिसर को भविष्य में और भी सुविधाजनक बनाया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और धार्मिक कार्यक्रम सुचारू रूप से होते रहें।
श्रद्धालुओं में उत्साह, जयकारों से गूंजा परिसर
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण भी किया गया। श्रद्धालुओं ने इसे रामपुर के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बताया।
यह आयोजन रामपुर में सनातन संस्कृति की मजबूती और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया। मंदिर स्थापना समारोह के साथ रामपुर में धार्मिक आस्था का नया अध्याय जुड़ गया है। भक्ति श्रद्धालुओं में उपस्थित रहे वीरेंद्र जॉली, विजय जॉली, वीरेंद्र गर्ग, सुनील गोयल, योगेश गर्ग, अर्पित अग्रवाल, प्रदीप सक्सेना, सुमन जोली,
रेनू गर्ग, पूनम अग्रवाल, अनीता गोयल, रेनू सक्सेना, विष्णु शरण अग्रवाल, हरिश्चंद्र ठेकेदार, अवनीत कुमार शर्मा, अरविंद अग्रवाल, कमलेश गुप्ता, राजीव मांगलिक, सूर्य प्रकाश पाल, भारत भूषण गुप्ता, श्रीगुप्ता, रवि कुमार और संजीत दयाल आदि उपस्थित रहे।