मिलक। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मिलक में आज चैत्र शुक्ल चतुर्दशी पर नवीन सत्र 2026-27 के प्रारंभ होने के उपलक्ष में यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ पुरोहित आदित्य शास्त्री (प्रधानाचार्य) गुरुकुल रठौंडा द्वारा वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ दी गई आहुतियों एवं मंत्रों के उच्चारण से संपूर्ण विद्यालय प्रांगण गूंज उठा। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति के सम्मानित पदाधिकारी व सदस्य गण आचार्य बंधु एवं बहनों ने विद्यालय में उपस्थित होकर यज्ञ
में सहभागिता की। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ राजकुमार महेश्वरी, उपाध्यक्ष तुलाराम गंगवार, प्रबंधक सुरेश चंद्र गंगवार, उप प्रबंधक हरिओम अग्रवाल, वरिष्ठ सदस्य बाबूराम गंगवार एडवोकेट, डॉ रजनीश गर्ग, प्रधानाचार्य आनंदपाल सिंह एवं विद्यालय के समस्त पदाधिकारी गण व सदस्योंं के साथ-साथ शिशु मंदिर व विद्या मंदिर का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा
जिसमें नरेंद्र कुमार गंगवार, आशीष अग्रवाल, इंद्रपाल सिंह, ढाकन लाल, अनुराग भूषण, आकाश गुप्ता, विजेंद्र पाल, कौशल उपाध्यक्ष, जितेंद्र गंगवार, मोहर सिंह, महेश कुमार, मोहित सक्सेना, नरेश चंद्र, शुभम सक्सेना, भीमसेन गंगवार, शिव मोहन, विवेक कुमार गुप्ता, अजय पाल, जितेंद्र कुमार, नवनीत मिश्रा, विमल शर्मा, लक्ष्मी नारायण,
मीरा कुमारी, कोमल गंगवार, ज्योति गंगवार, सोनू पांडे, रोहित कुमार, दीपक सिंघल, ऋषभ कुमार, आशीष बाबू, नवीन आचार्य, महंत पाल, भूपेंद्र कुमार, हरनंदन प्रसाद, अनिल कुमार, अभिषेक गंगवार एव श्रीमती अनुपम मिश्रा आदि उपस्थित रहे प्रधानाचार्य आनंदपाल सिंह जी ने समस्त
शिक्षकों अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं को नव सितंबर एवं नवीन सत्र की हार्दिक शुभकामनाएं देकर प्रेषित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति संसार की सबसे प्राचीन संस्कृति है भारत प्राचीन समय से विश्व गुरु रहा है और आगे भी रहेगा इसलिए हमें अपने जीवन मूल्य दायित्वों और संस्कृति का संरक्षण करना चाहिए उन्होंने यह आशा प्रकट की कि हमारे छात्र-छात्राओं का कार्य एवं परीक्षा पर उत्तम रहे कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन समिति के
अध्यक्ष डॉ राजकुमार माहेश्वरी ने छात्रों को शिक्षा का महत्व बताते हुए कहा कि हमारे जीवन में शिक्षा का होना अति आवश्यक है शिक्षा के बिना जीवन सफल नहीं हो सकता छात्र छात्राएं अच्छी शिक्षा ग्रहण कर अपने माता-पिता का वह विद्यालय का नाम रोशन करें यज्ञ पुरोहित आदित्य शास्त्री ने नवीन छात्र की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि यज्ञ करने से सभी प्राणियों को सुख प्राप्त होता है सभी की कामना पूर्ण होती है उन्होंने एक उदाहरण देते हुए
कहा किशन 1982 में एक गांव की घटना है कि एक गांव में ऑक्सीजन ना मिलेगी कारण पूरा गांव व्याकुल था तभी एक परिवार के व्यक्ति को पता चला कि यज्ञ करने से ऑक्सीजन की कमी दूर हो सकती है तभी उसे व्यक्ति ने अपने घर में यज्ञ किया तो उसके परिवार के लोगों की जान बची उन्होंने कहा कि सभी को अपने-अपने घरों में यज्ञ करना चाहिए जिससे वातावरण शुद्ध होगा सभी छात्र-छात्राएं अपने आचार्य की आज्ञा का पालन करें जिससे आप एक अच्छी सफलता प्राप्त कर सकें