जरीफनगर थाना क्षेत्र में गैंगस्टर एक्ट के एक आरोपी की संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खाने से मौत

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जरीफनगर थाना क्षेत्र में गैंगस्टर एक्ट के एक आरोपी की संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खाने से मौत

Sunday, May 24, 2026 | May 24, 2026 Last Updated 2026-05-24T10:38:59Z
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जरीफनगर थाना क्षेत्र में गैंगस्टर एक्ट के एक आरोपी की संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खाने से मौत 
बदायूं जिले के जरीफनगर थाना क्षेत्र में गैंगस्टर एक्ट के एक आरोपी की संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो जाने के बाद हंगामा खड़ा हो गया।

 मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि लगातार दबिश, मानसिक प्रताड़ना और परिवार को परेशान किए जाने के कारण उसने यह कदम उठाया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार जरीफनगर थाना पुलिस ने 20 मई को गैंगस्टर एक्ट के तहत एक मुकदमा दर्ज किया था। इस मुकदमे में सहसवान क्षेत्र के भवानीपुर खैरू निवासी मुस्लिम, मोहम्मद आलम, फखरे आलम तथा रसूलपुर कलां निवासी करू उर्फ कल्याण (55) को नामजद किया गया था। 

पुलिस का आरोप था कि सभी आरोपी संगठित गिरोह बनाकर समाज विरोधी गतिविधियों में संलिप्त थे, जिसके आधार पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई।

परिजनों के मुताबिक मुकदमा दर्ज होने के बाद से पुलिस लगातार गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। उनका आरोप है कि कई बार पुलिस टीम गांव पहुंची और कल्याण के नहीं मिलने पर परिवार के लोगों को परेशान किया गया। 

परिवार का कहना है कि पुलिस ने दबाव बनाने के लिए मृतक के बेटे संजय को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ अवैध तमंचा बरामदगी का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया, जबकि उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं था।

मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस केवल परिवार ही नहीं बल्कि रिश्तेदारों और परिचितों तक को पूछताछ के नाम पर परेशान कर रही थी। इसी मानसिक तनाव और भय के माहौल से तंग आकर करू उर्फ कल्याण ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। परिजन करीब सात घंटे तक शव को घर में रखकर बैठे रहे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे। उनका कहना था कि जब तक एसएसपी स्वयं गांव नहीं आएंगे, तब तक शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जाएगा।

गांव में बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन तीन थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल पुलिस प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है। वहीं गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है तथा स्थिति पर पुलिस की लगातार नजर बनी हुई है।
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