IPS बनने से पहले डॉक्टर थे यूपी के सिंघम अजय पाल शर्मा, बंगाल चुनाव में बटोरीं सुर्खियां।

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IPS बनने से पहले डॉक्टर थे यूपी के सिंघम अजय पाल शर्मा, बंगाल चुनाव में बटोरीं सुर्खियां।

Thursday, May 7, 2026 | May 07, 2026 Last Updated 2026-05-07T09:35:44Z
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IPS बनने से पहले डॉक्टर थे यूपी के सिंघम अजय पाल शर्मा, बंगाल चुनाव में बटोरीं सुर्खियां

लखनऊ । यूपी के सिंघम IPS अजय पाल शर्मा पश्चिम बंगाल चुनाव में लगातार चर्चा में हैं। चुनाव आयोग ने IPS अजय पाल शर्मा को पर्यवेक्षक बनाकर पश्चिम बंगाल में भेजा था। बंगाल चुनाव के दौरान IPS अजय पाल शर्मा के दो वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए। इन वीडियो में वह कहते हुए नजर आए थे कि अगर किसी ने अराजकता फैलाने की कोशिश की तो उसे ठीक कर दिया जाएगा।

पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी पर तैनात उत्तर प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा को 4 मई 2026 के बाद देख लेने की धमकी दी गई थी। उन्हें यह धमकी टीएमसी (TMC) प्रवक्ता रिजु दत्ता द्वारा दी गई थी।

क्या आपको पता है कि बंगाल चुनाव में गर्दा उड़ाने वाले यूपी के सिंघम IPS बनने से पहले डॉक्टर थे। अजय पाल शर्मा पंजाब के रहने वाले हैं। वह 2011 बैच के IPS अधिकारी हैं। उन्हें यूपी कैडर मिला था। उन्हें यूपी पुलिस में 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' और 'सिंघम' के नाम से जाना जाता है। वह 15 साल के करियर में 500 से अधिक एनकाउंटर कर चुके हैं।

 पंजाब के लुधियाना के रहने वाले डॉ. अजय पाल शर्मा आईपीएस बनने से पहले डेंटल सर्जन थे। उन्होंने पटियाला के सरकारी मेडिकल कॉलेज से बीडीएस (डेंटल साइंसेज) की डिग्री ली थी। डॉक्टरी पेशा छोड़कर उन्होंने सिविल सेवा का रुख किया और पूरी मेहनत से आईपीएस बनने का सपना पूरा किया। उनके छोटे भाई अमित पाल शर्मा एक आईएएस

 अधिकारी हैं।यूपी कैडर के 2011 बैच के IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा अपनी सख्त और निडर कार्यशैली के लिए मशहूर हैं। यूपी में तैनाती के दौरान उन्होंने अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई और दर्जनों एनकाउंटर उनके नाम दर्ज हैं। उन्हें यूपी का ‘सिंघम’ और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट भी कहा जाता है।2026 बंगाल विधानसभा चुनाव में उन्हें संवेदनशील क्षेत्रों, खासकर डायमंड हार्बर और साउथ 24 परगना की सीटों पर ऑब्जर्वर बनाया गया था। 

मतदान के दौरान धांधली रोकने, वोटरों को डराने-धमकाने और बाहरी तत्वों के खिलाफ उन्होंने सख्त कदम उठाए। टीएमसी उम्मीदवारों के साथ हुई तीखी बहस, लाठीचार्ज का नेतृत्व करने वाली तस्वीरें और सख्त चेतावनियां वायरल हुईं। TMC ने उन पर पक्षपात का आरोप लगाया और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई, लेकिन अजय पाल शर्मा ने निष्पक्षता और कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।
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