भूपेंद्र और केशव, दोनों PWD चाह रहे: मंत्री एके शर्मा ऊर्जा विभाग के बदले वजनदार मंत्रालय चाहते हैं.
लख़नऊ। यूपी में 10 मई को कैबिनेट विस्तार हुआ था । 6 दिन बीत गए, लेकिन शपथ लेने वाले 6 नए चेहरों और दो प्रमोटेड मंत्रियों के पास काम करने के लिए विभाग नहीं हैं। इसे लेकर सियासी बयानबाजी होने लगी है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को X पोस्ट कर तंज कसा। कहा- मंत्रालयों के बंटवारे की देरी की असली वजह सिर्फ यह है कि 'कमीशन-कमाई' के बंटवारे को लेकर डबल इंजन आपस में टकरा रहे हैं।
विभाग बंटवारे में कहां फंसा पेंच? पांच मंत्रियों के विभागों में फेरबदल होना तय सरकार से जुड़े सोर्स की मानें तो विभागों के बंटवारे में सबसे बड़ा पेंच कैबिनेट मंत्री की शपथ लेने वाले भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडेय को लेकर फंसा है। दोनों के समर्थक कद के मुताबिक बड़े विभाग की दावेदारी कर रहे हैं।
इसके अलावा प्रमोट हुए दो राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को भी दो विभाग देने हैं। ऐसे में किस मंत्री के विभाग कम होंगे, ये तय नहीं हो सका है।राज्य सरकार के मौजूदा मंत्रियों और उनके विभाग पर नजर दौड़ाएं तो सीएम सहित पांच ऐसे चेहरे हैं, जिनके विभागों में फेरबदल हो सकता है।
समस्या ये है कि इनमें से दो सहयोगी दल के मंत्री हैं। इनके विभागों में सीएम कोई छेड़छाड़ नहीं करेंगे।
अब दो ही मंत्री ऐसे हैं, जिनके पास एक से ज्यादा विभाग हैं। एक डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और दूसरे नगरीय विकास मंत्री एके शर्मा।