नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े ही गमगीन माहौल में मनाया गया मोहर्रम का त्योहार नम आंखों के बीच ताजिए कर्बला में किए गए सुपुर्द ए खाक

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नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े ही गमगीन माहौल में मनाया गया मोहर्रम का त्योहार नम आंखों के बीच ताजिए कर्बला में किए गए सुपुर्द ए खाक

Saturday, June 27, 2026 | June 27, 2026 Last Updated 2026-06-27T11:06:12Z
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नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े ही गमगीन माहौल में मनाया गया मोहर्रम का त्योहार नम आंखों के बीच ताजिए कर्बला में किए गए सुपुर्द ए खाक

संवाददाता काशिफ अली खान 

सहसवान शुक्रवार को मोहर्रम की दसवीं तारीख यानी यौम-ए-आशूरा के दिन ताजिए निकाले जाते हैं.
इस्मालिक मान्यताओं के अनुसार, कई सौ साल पहले मुहर्रम के 10वें दिन पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी दरअसल, कर्बला की जंग में इस्लाम की रक्षा करने के लिए अपने परिवार और 72 साथियों के साथ शहादत दी थी उन्हीं की याद में यानी मोहर्रम की 10 तारीख को ताजिए निकाले जाते हैं जो नगर के अनेकों मोहल्लों से ताजिए ढोल नगाड़ा जुलूस या हुसैन की सदाओं के साथ जगह-जगह लंगर लगाकर शरबत बांटते हैं और जगह जगह खाना तक्सीम किया जाता है।

 छोटे-छोटे बच्चों को तबरुक भी बांटा जाता है अपनी अपनी मन्नतें मांगते हैं कोई चिरागा करता है।
सैयद इब्राहिम रहमत उल्लाह अलेह उर्फ मीरा शाह बली दरगाह परिसर में मेला लगता है व महिलाओं के लिए एक विशेष मीना बाजार भी लगया जाता है जिसमें पुरुषों के जाने पर पाबंदी रहती है यहां पर सिर्फ महिलाएं ही खरीददारी करती है और दूर दराज से काफी तादाद में लोग मुहर्रम मनाने आते हैं।

नगर के कई मोहल्लों से निकलते हैं ताजिए मोहल्ला शाहबाजपुर, कटरा, नसरुल्लागंज, काजी मोहल्ला, मोहिद्दीनपुर ग्राम खैरपुर, ग्राम कोल्हार, इमामबारगाह हुसैनी मंजिल से युसूफ नियाजी की अगुवाई में लाव लश्कर के साथ ताजिए के गस्त के साथ जुलूस निकालते हुए

 उनके साथ अन्य मोहल्लों के ताजिए भी उनके साथ शामिल हो गए जो मोहल्ला चाहाशीरी, चौधरी मोहल्ला, बजरिया, मोहल्ला पठान टोला, होते हुए ईदगाह रोड से होते हुए कर्बला पहुंचते हैं और कर्बला में गमगीन माहौल में ताजियों को दफना दिया जाता है।
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