कोर्ट में बयान के बाद पुलिस ने बढ़ाईं गैंगरेप और पॉक्सो की धाराएं, तेजतर्रार SSP अंकिता शर्मा के निर्देश पर टीमें गठित।
संवाददाता आकाश बाबू वज़ीरगंज
बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से कानून-व्यवस्था और बेटियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाली एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। जिला मुख्यालय के इस्लामनगर थाना क्षेत्र में एक 13 वर्षीय मासूम को जबरन मक्के के खेत में ले जाकर उसकी अस्मत लूटने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है।
इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने का आरोप बाइक सवार दो शोहदों पर लगा है।
घटना के समय जब कुछ लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचे, तो उसे देखते ही बदहवास और सहमी हुई मासूम चीख पड़ी —भैया, इसने मेरी इज़्ज़त लूट ली, मारपीट कर कपड़े निकाले। मासूम की यह चीख कानून-व्यवस्था के दावों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ी करती है।
शुरुआती कार्रवाई पर उठे थे गंभीर सवाल वारदात के बाद पीड़ित परिवार को न्याय के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। परिजनों ने स्थानीय पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि शुरुआत में तहरीर बदलवाकर छेड़छाड़ की मामूली धाराओं में मामला दर्ज किया गया
और आरोपियों को बचाने का प्रयास हुआ। तीन दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे थे, जिससे पीड़ित परिवार खौफ के साए में था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर जनता का भरोसा डगमगाने लगा था। कोर्ट में बयान के बाद एक्शन में आई पुलिस मामले को लेकर सीओ बिल्सी ने हुए कहा था कि सेंसिटिव मामलों में पुलिस ऐसा नहीं करती, फिर भी पीड़िता के कोर्ट में बयान होने बाकी हैं।
अब न्यायालय के समक्ष पीड़िता के बयान दर्ज हो चुके हैं, जिसमें मासूम के साथ सामूहिक दुष्कर्म होने की पुष्टि हुई है। पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की अत्यंत गंभीर धाराओं की वृद्धि कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने मामले का
कड़ा संज्ञान लिया है। उनके निर्देशन में आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि कानून को ठेंगा दिखाने वाले दोनों आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। एसएसपी अंकिता शर्मा ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए मातहतों को सख्त निर्देश दिए हैं।