नशा मुक्ति युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के अंतर्गत एक प्रेरणादायी गोष्ठी का आयोजन
बहजोई महाविद्यालय, बहजोई (संभल) में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वाधान में ‘नशा मुक्ति युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के अंतर्गत एक प्रेरणादायी गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें स्वस्थ, सकारात्मक एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
गोष्ठी में समाजशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य संजय कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में युवाओं में नशे की प्रवृत्ति चिंताजनक रूप से बढ़ रही है, जो न केवल उनके व्यक्तिगत भविष्य बल्कि देश के भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर अपने लक्ष्य और जीवन मूल्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
अंग्रेजी विभाग के सहायक आचार्य सतेंद्र कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नशा आज समाज के लिए एक अभिशाप बन चुका है। जो युवा इसकी गिरफ्त में आ जाते हैं, वे धीरे-धीरे अपनी इच्छाशक्ति, प्रतिभा और सपनों से दूर होते चले जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गीता ने नशे के सकारात्मक और नकारात्मक पक्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी चीज़ का नशा करना ही है, तो कामयाबी, ज्ञान, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्य का नशा कीजिए, क्योंकि यही नशा व्यक्ति, परिवार और राष्ट्र को प्रगति के पथ पर अग्रसर करता है। कार्यालय अधीक्षक भगवान सिंह चौहान ने अपनी प्रेरक पंक्तियों ‘अब हम घन की तरह तपकर, ठंडे जल बरसाते हैं’ के माध्यम से विद्यार्थियों को संघर्ष, धैर्य और आत्मसंयम का संदेश दिया।
वहीं शिक्षाशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य यशपाल सिंह ने ‘क्या पीवे और क्यों पीवे यार, चीज़ नहीं यह पीने की’ पंक्तियों के माध्यम से नशे के प्रति सामाजिक चेतना और जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि ‘नशा मुक्ति युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’
भारत सरकार के सहयोग से देशव्यापी स्तर पर संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसी वस्तु जो हमारी चेतना, विवेक और निर्णय क्षमता को विचलित करती है, उसका सेवन नहीं करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छी संगति अपनाने, सकारात्मक लोगों से जुड़ने तथा नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन संजय कुमार ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के गौरव वार्ष्णेय, दीप्ति रानी, बलवीर सिंह, सतेंद्र कुमार, यशपाल सिंह यादव, नेमपाल सिंह यादव, रामतीरथ, पूजा शर्मा, प्रीती शर्मा, भगवान सिंह चौहान, राजीव कुमार, भुवनेश कुमार सहित समस्त शिक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।