11 सितंबर को दिए प्रार्थना पत्र पर अब तक कार्रवाई नहीं, ₹22 हजार की रकम को लेकर शिकायतकर्ता ने उठाए सवाल

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11 सितंबर को दिए प्रार्थना पत्र पर अब तक कार्रवाई नहीं, ₹22 हजार की रकम को लेकर शिकायतकर्ता ने उठाए सवाल

Saturday, September 19, 2026 | September 19, 2026 Last Updated 2026-09-19T16:14:14Z
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*11 सितंबर को दिए प्रार्थना पत्र पर अब तक कार्रवाई नहीं, ₹22 हजार की रकम को लेकर शिकायतकर्ता ने उठाए सवाल

संवाददाता प्रदीप कुमार की रिपोर्ट सहसवान

*बदायूं के सहसवान थाना क्षेत्र के ग्राम हज्जामपुर से एक मामला सामने आया है, जहां शिकायतकर्ता का आरोप है कि 11 सितंबर 2026 को थाना सहसवान में प्रार्थना पत्र देने के बावजूद अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।*
मामला ग्राम हज्जामपुर, थाना सहसवान, जनपद बदायूं का है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसका विपक्षी पक्ष से ₹22,000 रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके ₹22,000 रुपये विपक्षी पक्ष के पास बकाया हैं और कई बार तकाजा करने के बावजूद रकम वापस नहीं की गई।
इसी मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने 11 सितंबर 2026 को थाना सहसवान में लिखित प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी।
शिकायतकर्ता का कहना है कि 19 सितंबर तक करीब आठ दिन बीत जाने के बाद भी मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, जब उसने थाने में मामले की जानकारी लेने का प्रयास किया तो सिपाही कुलदीप द्वारा बताया गया कि पुलिस विपक्षी पक्ष के पास गई थी, लेकिन वह वहां नहीं मिला।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद भी मामले का कोई समाधान नहीं हुआ और वह लगातार कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।
शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि मामले को लेकर संबंधित पुलिसकर्मियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उसे संतोषजनक जानकारी नहीं मिल सकी। वहीं, उसके द्वारा किए जा रहे फोन कॉल का भी जवाब नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है।
अब सवाल यह है कि 11 सितंबर को दिए गए प्रार्थना पत्र पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?
अगर पुलिस विपक्षी पक्ष के पास गई थी और वह नहीं मिला, तो उसके बाद मामले में आगे क्या कार्रवाई की गई?
फिलहाल शिकायतकर्ता संबंधित अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग कर रहा है।
अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेते हैं और शिकायत पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
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