आबिद राजा पर टिकी निगाहें छह विधानसभा सीटों पर जीत की रणनीति में जुटी समाजवादी पार्टी, हिंदू-मुस्लिम मतदाताओं के बीच पकड़ बनाने की चुनौती।
संवाददाता आकाश बाबू वज़ीरगंज
बदायूं। जिले में समाजवादी पार्टी की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता ने आगामी चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज कर दी है। पार्टी संगठन को मजबूत करने और जनाधार बढ़ाने की कोशिशों के बीच भाजपा खेमे में भी राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज होने लगी हैं। सपा की नजर बदायूं जिले की सभी छह विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने की रणनीति बनाने पर है। ऐसे में स्थानीय नेताओं की भूमिका और उनके जनाधार को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिले की राजनीति में आबिद रजा का नाम एक प्रभावशाली नेता के रूप में चर्चा में रहता है। राजनीतिक जानकारों के बीच यह चर्चा है कि आबिद रजा बदायूं में समाजवादी पार्टी की चुनावी संभावनाओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। बदायूं शहर के साथ शेखूपुर, सहसवान और आसपास के क्षेत्रों में उनके राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी चर्चाएं होती रही हैं।
आबिद रजा की पहचान एक मुखर वक्ता और अपनी बात को प्रभावशाली ढंग से रखने वाले नेता के रूप में की जाती है। उनकी भाषण शैली लोगों का ध्यान आकर्षित करती है। राजनीतिक दृष्टि से उनकी एक खासियत यह भी मानी जाती है कि वे विभिन्न समुदायों के लोगों के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने पर जोर देते रहे हैं। हिंदू मतदाताओं के बीच उनकी पकड़ को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा होती है।
बदायूं की छह विधानसभा सीटों पर जीत का लक्ष्य हासिल करने के लिए सपा को स्थानीय समीकरणों, जनसमर्थन और मजबूत नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल बैठाना होगा। ऐसे में आने वाले समय में आबिद रजा की राजनीतिक सक्रियता और पार्टी की संगठनात्मक रणनीति जिले की सियासत की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।