भारत रत्न बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती समारोह में सभी बंधुओं ने लिया भाग
रामपुर/उत्तर प्रदेश
रामपुर (एन 24):रामपुर,"बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर का सपना प्रशिक्षित मुक्त समाज तभी पूरा होगा जब प्रत्येक घर का एक एक बच्चा स्कूल जाएगा यही सपना बाबा साहब का था"।
उक्त उद्गार भावाधस भीम के राष्ट्रीय प्रमुख वीरेश भीम अनार्य जी ने कहे। वह वाल्मीकि मंदिर कोसी रोड रामपुर में डॉक्टर अंबेडकर और वाल्मीकि समाज पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा की अलख पहले संसार में भगवान वाल्मीकि ने जगाई
और उसी से प्रेरणा लेकर बाबा साहब ने शिक्षा का प्रचार प्रसार किया। बाबा साहब ने कहा था कि शिक्षा का ज्ञान तलवार की धार जैसा है।
तलवार का सदुपयोग अथवा दुरुपयोग उसको पकड़ने वाले पर निर्भर करता है। वह उसी से किसी का खून भी कर सकता है और रक्षा भी कर सकता है। इसी तरह शिक्षा है जिसका उपयोग
हमें सीलबान बनाकर समाज के लिए करना है। अन्य समाजों ने शिक्षा का इस्तेमाल दलितों के खिलाफ किया इसीलिए वर्षों तक हमें शिक्षा से वंचित रखा गया। भीम अनार्य ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों से नहीं मिलती उसके लिए सामाजिक चेतना भी जरूरी है
। शिक्षा संस्कारवान बनाती है और यह संस्कार इतिहास और धर्म को जाने बिना संभव नहीं है। आदि धर्म है अनंत है बाबा साहब ने कहा था मुझे धर्म चाहिए परंतु धर्म के नाम पर चलने वाला पाखंड नहीं और यही भावाधस भीम कहता है बाबा साहब कहते थे
शिक्षा के कारण जो समाज का हित हुआ है वह मेरे आत्मारान की धार्मिक भावना के कारण ही हुआ है।
अवसर पर अमरनाथ वाल्मीकि, राजू अंबेडकर, चरण सिंह दिवाकर, रामगोपाल कटारिया शंकर बबलू, प्रेमराज वाल्मीकि, मास्टर अशोक कुमार,