सम्भल।
11 वर्षीय बेटे अहमद रजा को कुत्तों के झुंड ने हमलाकर मार डाला।
संभल)। मोहल्ला कच्चा इलाका निवासी आलम के 11 वर्षीय बेटे अहमद रजा को कुत्तों के झुंड ने हमलाकर मार डाला। अहमद रजा कक्षा तीन का छात्र था। घटना के समय वह मोहल्ले के बाहरी हिस्से में स्थित बाग में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था।
मंगलवार सुबह हुई इस घटना के दौरान अहमद रजा के साथ मौजूद बच्चे डरकर भाग गए। उन्होंने अहमद रजा के घर जाकर मामले की जानकारी दी। इस पर अहमद रजा के दादा मोहम्मद हनीफ व अन्य परिजन बाग में पहुंचे। उन्होंने बताया कि उस समय कुत्तों का झुंड बच्चे को घेरे हुए था।
आसपास के लोगों की मदद से कुत्तों को भगाया। इसके बाद अहमद रजा को लेकर निजी डॉक्टर के पास पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। अहमद रजा के पिता आलम दिल्ली में एक हस्तशिल्प कारखाने में मजदूरी करते हैं। वह आजकल दिल्ली में ही हैं।
गमगीन परिजनों ने फोन से उन्हें बच्चे की मौत की जानकारी दी है। घटना पता चलने पर हयातनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम से इन्कार कर दिया।
शरीर पर थे 50 से ज्यादा जख्म, मुंह बुरी तरह नोचा
कुत्तों के हमले का शिकार हुए 11 वर्षीय अहमद रजा के शरीर पर 50 से ज्यादा जख्म थे। परिजनों ने बताया कि अहमद के सिर और मुंह को कुत्तों ने बुरी तरह नोच डाला था।
उसके हाथ, पैर और पेट पर मौजूद जख्मों से खून बह रहा था। यही वजह रही कि उपचार मिलने से पहले उसकी जान चली गई।
चार बहन-भाइयों में दूसरे नंबर का था अहमद
आलम के चार बच्चों में अहमद रजा दूसरे नंबर का था। घटना के बाद से अहमद के दो भाइयों और एक बहन के आंसू थम नहीं रहे हैं। अहमद की मां काजमा का भी बुरा हाल है।
... किसी और के बच्चे की न हो ऐसी दर्दनाक मौत
अहमद रजा के दादा मोहम्मद हनीफ ने बताया कि घुंघावली मार्ग पर आम के बाग के पास कुत्तों के झुंड अक्सर नजर आते हैं। ये कुत्ते खूंखार हो चुके हैं। पहले भी उनके हमलों में कई लोग घायल हो चुके हैं। हनीफ ने अफसरों से मांग की है कि खूंखार कुत्तों को पकड़वाया जाए, ताकि किसी और बच्चे की ऐसी दर्दनाक मौत न हो।
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