स्थानीय मुद्दों समेत रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा को अहम बताया। कहा कि सासंद को लोगों के बीच रहना चाहिए।

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स्थानीय मुद्दों समेत रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा को अहम बताया। कहा कि सासंद को लोगों के बीच रहना चाहिए।

Thursday, April 4, 2024 | April 04, 2024 Last Updated 2024-04-04T15:30:44Z
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सम्भल।

स्थानीय मुद्दों समेत रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा को अहम बताया। कहा कि सासंद को लोगों के बीच रहना चाहिए।


संभल जिले के चंदौसी में लोकसभा चुनाव को लेकर सत्ता संग्राम टीम ने युवाओं से बात की। उन्होंने स्थानीय मुद्दों समेत रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा को अहम बताया। कहा कि सासंद को लोगों के बीच रहना चाहिए।
केंद्र की सत्ता का संग्राम शुरू हो चुका है। पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद दूसरे चरण की नामांकन प्रक्रिया चल रही है।


चुनाव में जनता का मूड जानने के लिए अमर उजाला सत्ता संग्राम की टीम ने बृहस्पतिवार दोपहर को संभल के चंदौसी में मॉडल लॉ कॉलेज के छात्रों से बात की।
युवाओं ने स्थानीय, रोजगार, खेल, शिक्षा एवं किसानों से जुड़े कई मुद्दों को सामने रखा। विधि के छात्र ऋषभ कुमार ने कहा कि आरक्षण आर्थिक आधार पर मिलना चाहिए। गौरव ने कहा कि सरकार को रोजगार पर ध्यान देना चाहिए। रोजगार नहीं होगा, तो विकास नहीं होगा।


युवा विकास करेगा तो देश तरक्की करेगा। अमन चौधरी ने कहा कि चंदौसी में रेलवे ब्रिज को जल्द मंजूरी मिलनी चाहिए। जिससे की लोगों को जाम से राहत मिल सके। फिजा ने कहा कि सरकार को नियमित भर्ती निकालनी चाहिए। शिवानी सैनी ने पेपर लीक होने के कारण युवाओं को आर्थिक तौर पर होने वाले नुकसान का मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा कि सरकार को पेपर देने वाले सेंटरों को नजदीक बनाना चाहिए। जिससे आने-जाने में परेशानी न हो। एक अन्य युवा ने कहा कि सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सुधार होना चाहिए। इससे वहां भर्ती होने वाले मरीजों को राहत मिलने के साथ उनका उपचार बेहतर तरीके से हो सके।

इमराना ने कहा कि इंटर कॉलेजों में संविदा पर रखे शिक्षकों का वेतनमान बढ़ाना चाहिए। एक युवा ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस वे के आसपास फैक्टरी लगवानी चाहिए। इससे चंदौसी समेत अन्य लोगों को रोजगार मिलेगा। योगेश कुमार ने कहा कि देश में हिंदू-मुस्लिम की राजनीति नहीं होनी चाहिए।

पंकज यादव, अनन्या रस्तोगी, प्रवीण शर्मा, योगेश कुमार, दीन दयाल, अमित कुमार, आज्ञा रस्तोगी, शहाना परवीन, नीतू, सचिन दयाल, अरविंद कुमार आदि ने भ्रष्टाचार और सरकारी योजनाओं के दिखावे के मुद्दे उठाए। साथ ही योजनाओं के वास्तविक लाभ दिलाने की मांग की। जाति धर्म की राजनीति पर रोक लगाने की बात कही।
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