चुनाव में सपा-बसपा के सियासी दिग्गज रामपुर के चुनावी मैदान से गायब
रामपुर सीट पर सपा-बसपा के दिग्गज चुनावी मैदान से गायब हैं। एक वक्त था जब इस पर स्टार प्रचारकों का जमावड़ा लगा रहता था। इस सीट पर सिर्फ भाजपा के ही शीर्ष नेता पहुंचे हैं।
लोकसभा चुनाव के दौरान रामपुर में सभी दलों के सियासी दिग्गजों से लेकर स्टार प्रचारकों का जमावड़ा रहता था, लेकिन इस चुनाव में सपा-बसपा के सियासी दिग्गज रामपुर के चुनावी मैदान से गायब हैं। दोनों ही दलों का कोई भी बड़ा नेता प्रचार के लिए अब तक रामपुर नहीं आया है।
अब प्रचार में सिर्फ तीन दिन बाकी हैं। 17 अप्रैल की शाम से चुनाव प्रचार थम जाएगा। भाजपा को छोड़कर दोनों सियासी दलों के प्रत्याशियों ने प्रचार की कमान खुद ही संभाल रखी है। रामपुर में विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा चुनाव, यहां प्रचार का अपना एक अलग ही अंदाज रहा है।
स्टार प्रचारकों से लेकर फिल्मी सितारों की रामपुर की धरती पर चहलकदमी रही है। रामपुर लोकसभा सीट कांग्रेस, भाजपा और सपा के इर्द-गिर्द ही घूमती रही है। यहां नवाब परिवार से लेकर आजम खां तक का चुनाव में खूब वर्चस्व रहा है, लेकिन इस लोकसभा चुनाव में सपा व बसपा के दिग्गज चुनाव प्रचार से दूरी बनाए हुए हैं।
चुनाव प्रचार के महज तीन दिन बाकी रह गए हैं। सपा की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत किसी भी बड़े नेता की अब तक सभा नहीं हुई है। इसका बड़ा कारण सीतापुर जेल में बंद सपा नेता आजम खां का जेल में होना और परिवार के किसी सदस्य का चुनाव में सक्रिय न होना भी माना जा रहा है।
मौलाना मोहिब्बुल्लाह नदवी को सपा ने चुनाव मैदान में उतारा है, जिसके बाद आजम समर्थकों में प्रत्याशी को लेकर असमंजस की स्थिति है। सपा की ओर से स्टार प्रचारक हरेंद्र सिंह नोएडा से रामपुर आए हैं। वहीं सपा के इंडी गठबंधन की साथी कांग्रेस की ओर से भी कोई बड़ा चेहरा चुनावी मैदान में नजर नहीं आया।
हालांकि, रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे ने बिलासपुर में जरूर सभा की। वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी आजम खां के समर्थन में रैली के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती रामपुर आईं थी।