भागवत कथा के बाद कराया हवन व भंडारा
बिसौली-क्षेत्र के ग्राम शरह बरौलिया में सिद्व बाबा आश्रम पर सोई वाले महाराज स्व. पूज्यपाद श्रीविदेह नन्दनी शरण
महाराज जी की स्मृति में चली सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के बाद हवन यज्ञ व भंडारे का आयोजन किया गया।
भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहले हवन यज्ञ में आहुति डाली और फिर प्रसाद ग्रहण कर पुण्य कमाया। भण्डारे से पूर्व भागवतकथा के आयोजक महन्त सोहनदास ने 51 बाबाओं को अंगवस्त्र व दक्षिणा देकर सम्मानित किया। भागवत कथा का आयोजन सिद्व बाबा आश्रम के महंत सोहन दास महाराज व समस्त ग्रामवासियों की ओर से करवाया गया
था। कथा व्यास व्यास मनीश्वर भारद्वाज ने सात दिन तक चली कथा में भक्तों को श्रीमदभागवत कथा की महिमा बताई। उन्होंने लोगों से भक्ति मार्ग से जुड़ने और सत्कर्म करने को
कहा।मनीश्वर भारद्वाज ने कहा कि हवन-यज्ञ से वातावरण एवं वायुमंडल शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है। व्यक्ति में धार्मिक आस्था जागृत होती है। दुर्गुणों की बजाय सद्गुणों के द्वार खुलते हैं।
यज्ञ से देवता प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भव सागर से पार हो जाता है। श्रीमद भागवत से जीव में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं।
इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता हैं।भण्डारे में सिद्व बाबा आश्रम के महंत सोहनदास महाराज के गुरु स्वामी सम्भव अनुपमदास महाराज देहरादून,
फूल बाबा सोई आश्रम सत्यपाल शर्मा,अनिल आचार्य,शिवनेश पाठक ,हरद्वारी लाल कटिया,पण्डित रामबहादुर शंखधार,