बदायूं। परिषदीय स्कूलों में तीन दिन लगातार गैरहाजिर रहने वाले बच्चों के घर विद्यालय स्तर पर बनाई गई टीम पहुंचेगी। टीम बच्चों के न आने का कारण
अभिभावकों से पता करेगी। बाद में वह जानकारी शिक्षकों को दी जाएगी। इसके बाद शिक्षक बच्चाें के घर जाकर समस्या को सुलझाने का प्रयास करेंगे।प्रदेश सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि परिषदीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या 75 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए,
लेकिन जिले में मौजूदा स्थिति अभी विपरीत चल रही है। छात्र-छात्राओं की लगातार कम हो रही संख्या शिक्षकों के लिए परेशानी का सबक बनती जा रही है, क्योंकि उपस्थिति कम होने पर शिक्षकों के सिर पर कार्रवाई की तलवार लटकने लगती है।
संख्या बढ़ाने के लिए शासन के निर्देश पर स्कूलों में अब शिक्षकों के स्तर से बड़े बच्चों की टीम बनाई गई है। ऐसे में जो छात्र-छात्राएं स्कूल में लगातार तीन दिन तक गैरहाजिर रहेगा, उनके घर पर यह टीम जाएंगी
और उनके स्कूल न आने के कारण को पता करेगी। इसके बाद में वह टीम शिक्षकों को परिस्थिति के बारे में बताएगी। शिक्षक संबंधित बच्चों के घर जाकर उनके अभिभावकाें से बात करेंगे। उनकी समस्याओं को समाधान करने का प्रयास करेंगे। ताकि स्कूल में छात्र संख्या को बढ़ाया जा सके।