गणतंत्र दिवस पर शर्मनाक लापरवाही
संवैधानिक मर्यादाओं की खुलेआम अनदेखी, जिम्मेदार अधिकारी मौन
मिलक
जहां पूरा देश 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास व राष्ट्रभक्ति के साथ मना रहा था, वहीं जिला रामपुर के विकासखंड मिलक क्षेत्र के ग्राम भैंशोड़ी शरीफ एवं ग्राम धनेली पूर्वी स्थित जन आरोग्य मंदिर (उपकेंद्र) पर तिरंगा ध्वज नहीं फहराया जाना प्रशासनिक उदासीनता का बड़ा और चिंताजनक उदाहरण बन गया।
गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर सरकारी संस्थानों पर तिरंगा न फहराया जाना न केवल संवैधानिक कर्तव्यों की अवहेलना है, बल्कि यह देश की गरिमा और शहीदों के बलिदान का अपमान भी माना जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने जब उपकेंद्रों पर झंडा न लगे होने की जानकारी ली, तो वे आक्रोशित और स्तब्ध रह गए।
सरकारी भवनों पर तिरंगा अनिवार्य, फिर क्यों चूके जिम्मेदार?
जन आरोग्य मंदिर स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आने वाले सरकारी संस्थान हैं, जहां प्रत्येक राष्ट्रीय पर्व पर झंडारोहण अनिवार्य होता है। इसके बावजूद न तो भैंशोड़ी शरीफ और न ही धनेली पूर्वी के उपकेंद्र पर तिरंगा फहराया गया, जिससे विभागीय लापरवाही उजागर हो गई।
ग्रामीणों में रोष
ग्रामीणों का कहना है कि—
“अगर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर ही राष्ट्रीय पर्वों का सम्मान नहीं होगा, तो आम जनता से देशभक्ति की उम्मीद कैसे की जा सकती है?”
लोगों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग व स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे मामला और भी संदेहास्पद बनता जा रहा है।
अब बड़ा सवाल यह है कि—
क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी?
या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
देश का तिरंगा सम्मान मांगता है,
और इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं।