इलाके के गांव खनीनवादा मजरा पढ़ेरा में श्रीमद भागवत कथा की शुरुआत मंगलवार को कलश यात्रा से हुई। कलश यात्रा कादरगंज रामगंगा से शुरू होकर गांव खनीनवादा में श्री स्वामी नारायण मंदिर कथा स्थल पर पहुंची। कथा के दूसरे दिन कथावाचक राजेन्द्र प्रसाद मिश्र महाराज जी ने भागवत कथा के महात्म्य का वर्णन भक्तों को श्रवण कराया।
इस मौके पर राजेन्द्र प्रसाद मिश्र महाराज ने कहा कि वेद व्यास महाराज ने श्रीमद्भगवत कथा में लिखा है कि जिसके करोड़ों-करोड़ों जन्मों के पुण्य एकत्रित हो जाते है वो ही व्यक्ति यह कथा सुनता है। उन्होंने कहा कि भागवत कल्प वृक्ष है।
आप जिस मनोरथ से श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करेंगे, उसकी सिद्धि होगी।
व्यास जी ने जब इस भगवत प्राप्ति का ग्रंथ लिखा, तब भागवत नाम दिया गया। बाद में इसे श्रीमद् भागवत नाम दिया गया। इस श्रीमद् शब्द के पीछे एक बड़ा मर्म छुपा हुआ है श्री यानी जब धन का अहंकार हो जाए तो भागवत सुन लो? अहंकार दूर हो जाएगा। भाग्य,
भक्ति, वैराग्य और मुक्ति पाने के लिए भगवत की कथा सुनो। केवल सुनो ही नहीं बल्कि मानों भी। इस दौरान राजेश्वर सिंह, नरेंद्र पाल सिंह चौहान, वीरेंद्र सिंह चौहान, रविन्द्र सिंह, मुकेश कुमार गौड़, अभिषेक सिंह तोमर, शिव सोरेन गौड़, रामू चौहान, विष्णु कुमार शर्मा व समस्त ग्रामवासी आदि उपस्थित रहे।