मिलक के 28 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत, पिता की आंखों के सामने टूटी जिंदगी

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मिलक के 28 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत, पिता की आंखों के सामने टूटी जिंदगी

Sunday, April 26, 2026 | April 26, 2026 Last Updated 2026-04-26T13:23:18Z
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बस से उतरते समय मौत का झटका

मिलक के 28 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत, पिता की आंखों के सामने टूटी जिंदगी 
शनिवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। मिलक क्षेत्र के वरा गजेजा गांव निवासी 28 वर्षीय अनिष पाण्डेय की बस से उतरते समय गिरकर मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब वह बिजनौर से होमगार्ड की परीक्षा देकर घर लौट रहे थे।

बताया जा रहा है कि अनिष रोडवेज बस से मिलक बाईपास पर उतर रहे थे, तभी चालक ने अचानक बस आगे बढ़ा दी। संतुलन बिगड़ने से अनिष सड़क पर गिर पड़े और उनके सिर में गंभीर चोट लग गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

 पिता की आंखों के सामने हुआ हादसा

इस दर्दनाक घटना का सबसे मार्मिक पहलू यह रहा कि अनिष के पिता मदन किशोर पाण्डेय खुद बेटे को लेने पहुंचे थे। बस नगर के अंदर नहीं आई, इसलिए अनिष ने उन्हें क्योरार बाईपास बुलाया था।
पिता बाइक लेकर मौके पर इंतजार कर रहे थे—लेकिन कुछ ही सेकंड में उनकी आंखों के सामने उनका बेटा हमेशा के लिए चला गया।

 होमगार्ड परीक्षा देकर लौट रहे थे

अनिष शनिवार को बिजनौर के झाला स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में होमगार्ड की परीक्षा देने गए थे। परिवार को उम्मीद थी कि इस बार उनकी नौकरी लग जाएगी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

घर में मचा कोहराम

घटना की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
पिता किसान हैं और खेती से घर चलता है
बड़े भाई दीपक की शादी महज 5 महीने पहले हुई थी
घर का जवान बेटा अचानक चला गया
पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है।

 पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है।

रोडवेज पर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर रोडवेज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—
बस को नगर के अंदर क्यों नहीं ले जाया गया?
यात्री उतरते समय बस क्यों चलाई गई?
क्या चालक-परिचालक की लापरवाही से गई एक और जान?

 स्थानीय लोगों में आक्रोश

हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि बस नियमानुसार स्टॉप पर रोकी जाती और सावधानी बरती जाती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
 
होमगार्ड बनने का सपना लेकर निकला अनिष, घर लौटते वक्त जिंदगी की जंग हार गया। पीछे छोड़ गया रोता-बिलखता परिवार और कई अनसुलझे सवाल।
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