पुरस्कार साधना रुपी पुष्प की सुगन्धि-डा.चन्द्रप्रकाश शर्मा.... पुरस्कार साधना रूपी पुष्प की वह सुगंधि है जो चारों दिशाओं में फैल कर पहचान और मान -सम्मान प्रदान कराती है,
साथ ही लोगों को प्रेरित करने, समाज में परिवर्तन करने तथा नव अंकुरों को साधना पथ पर आरुढ़ होने की प्रेरणा देती है। उक्त विचार ओनरऐज अवार्ड्स एसोसिएशन द्वारा दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित ऑनरेरी अवार्डस सेरेमनी में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ .चंद्र प्रकाश शर्मा ने देश-विदेश के विविध क्षेत्रों में कार्यरत विभूतियों को डाक्टरेट व आनरऐज एक्सीलेंस अवार्ड 2026 प्रदान करते हुए व्यक्त किये। कार्यक्रम का श्री गणेश मुख्य अतिथि डॉक्टर चंद्र प्रकाश शर्मा, विशिष्ट अतिथि वास्तु विशेषज्ञ भावेश सहाय,
असिस्टेंट डिविजनल मैनेजर एलआईसी उमेश कुमार, कार्यक्रम आयोजक संदीप कुमार,निधि जी ने दीप प्रज्वलन करके किया। नृत्य की उच्चस्तरीय भाव-भंगिमाओं के साथ स्कूली बच्चों द्वारा गणेश-वंदना प्रस्तुत की गई। मुख्य अतिथि के रूप में विचार व्यक्त करते हुए डॉ .चंद्रप्रकाश शर्मा शर्मा ने कहा कि आनरऐज अवार्ड्स एसोसिएशन ने आपकी प्रतिभा, संघर्ष, समर्पण और त्याग को पहचाना,
समझा और सम्मानित करने का निर्णय लिया जिसके लिए आप सब बधाई के पात्र हैं। यह पुरस्कार आपको समाज में पहचान और सम्मान दिलाएगा तथा युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रकाशस्तंभ सिद्ध होगा जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन होंगे और आप समाज को बेहतर बनाने के लिए और अधिक ऊर्जा, उत्साह और लगन से ईमानदारी के साथ जी-
जान से जुटेंगे।इस सेरेमनी में कनाडा, कर्नाटक, महाराष्ट्र,असम, मप्र, राजस्थान, उत्तराखंड, दिल्ली,उप्र आदि क्षेत्रों के 35 अवार्डीज को डाक्ट्रेट की मानद उपाधि व आनरऐज एक्सीलेंसी अवार्ड 2026 देकर सम्मानित किया गया जिनमें शिक्षा के लिए लिली पुष्पलता बेक,संगप्पा जी एम्मी-वेलाड,व्यालिज दीपक सखाराम,राजेन्द्र प्रसाद ,इन्द्र जीत कौर, ज्योतिष में अनामिका अवल,
मैकेनिकल इंजीनियरिंग -विकास कुमार ओझा ,रुपेश कुमार , बैंकिंग -संजय जैन, मार्शल आर्टस-हेमल अरविंद शाह, धार्मिक -जान वेस्लीस, संख्याशास्त्र -हंसा दुलमोनी गोस्वामी, समाजसेवा -रितु बंसल,सुहास गोडसे,मिलिंद केशव जोशी,मुकुंदराव मनोहर शंखपाल आदि को प्रमाणपत्र, ट्राफी,मेडल देकर सम्मानित किया गया।आयोजक मण्डल के संदीप कुमार ,निधि जी,वसीम अकरम, सुमित कुमार, डॉ.गणेश नाथ का प्रयास व कार्य सराहनीय रहा।