बदायूं में 'मौत' का तांडव: शहनाइयों की गूंज के बीच मातम की चीखें

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बदायूं में 'मौत' का तांडव: शहनाइयों की गूंज के बीच मातम की चीखें

Monday, April 6, 2026 | April 06, 2026 Last Updated 2026-04-06T09:52:05Z
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बदायूं में 'मौत' का तांडव: शहनाइयों की गूंज के बीच मातम की चीखें

 नियति कब क्या खेल खेल जाए, कोई नहीं जानता। जहां कुछ ही घंटों बाद दूल्हा-दुल्हन के नए जीवन की शुरुआत होनी थी, वहां आज चारों ओर खून बिखरा है और अपनों को खोने का विलाप है। बदायूं के मुजरिया क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसे ने शादी की खुशियों को गहरे सदमे में बदल दिया। 

उसहैत से कोल्हाई जा रही बारातियों से भरी बस को एक अज्ञात वाहन ने ऐसी टक्कर मारी कि चीख-पुकार से आसमान दहल उठा।
फिलहाल पुलिस 1 मौत और 5 घायलों की पुष्टि कर रही है, लेकिन चश्मदीदों की मानें तो मंजर इससे कहीं ज्यादा खौफनाक है।

हादसे का खौफनाक मंजर: गायब हो गया बस का पिछला हिस्सा
टक्कर कितनी जोरदार थी, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बस का पिछला हिस्सा पूरी तरह से परखच्चे उड़कर गायब हो गया। बस में पीछे की सीटों पर बैठे लोग सीधे सड़क पर जा गिरे। अंधेरी रात और तेज रफ्तार का कहर ऐसा था कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
अगर लोगों की मानें तो: "वो मंजर किसी डरावने सपने जैसा था। पल भर पहले तक बस के अंदर हंसी-मजाक चल रहा था, और अगले ही पल चारों तरफ लहूलुहान लोग और...।"


पत्रकार परिवार की खुशियों पर ग्रहण
बताया जा रहा है कि यह बारात कोल्हाई निवासी पत्रकार अबरार की बहन की थी। उसहैत से निकली यह बस खुशियों का पैगाम लेकर आ रही थी, लेकिन मुजरिया के पास काल बनकर आए एक अज्ञात वाहन ने सबकुछ उजाड़ दिया।
प्रशासनिक स्थिति और हताहतों का विवरण


सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस द्वारा अब तक की आधिकारिक पुष्टि इस प्रकार है:
मृतक: 1 (आधिकारिक पुष्टि), हालांकि स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह संख्या बढ़ सकती है।
घायल: 5 गंभीर रूप से घायल, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अज्ञात वाहन: टक्कर मारकर फरार हुए वाहन की तलाश जारी है।

बढ़ सकता है मौतों का आंकड़ा
मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि घायलों की स्थिति बेहद नाजुक है। रात का समय होने के कारण राहत बचाव कार्य में चुनौतियां आईं, और आशंका जताई जा रही है कि सुबह होने तक स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। अस्पताल में भर्ती कई लोग जीवन और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
एक सवाल जो अधूरा रह गया...

यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों के सपनों का टूटना है। क्या वह अज्ञात वाहन चालक कभी पकड़ा जाएगा? क्या हमारी सड़कों पर रफ़्तार का यह पागलपन कभी थमेगा? आज कोल्हाई गांव में सिर्फ सिसकियां हैं और उन अपनों का इंतजार है जो हंसते-खेलते बारात में गए थे, लेकिन लौटे तो एम्बुलेंस के सायरन के साथ।

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