कांवड़िए की मदद को कांवड़िए की मदद को आगे आए फतेहगंज पूर्वी पुलिस के जवान

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कांवड़िए की मदद को कांवड़िए की मदद को आगे आए फतेहगंज पूर्वी पुलिस के जवान

Monday, August 24, 2026 | August 24, 2026 Last Updated 2026-08-25T02:56:04Z
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कांवड़िए की मदद को कांवड़िए की मदद को आगे आए फतेहगंज पूर्वी पुलिस के जवान

, सिपाही नीरज कुमार ने पेश की इंसानियत की मिसाल
बरेली। सावन के चौथे सोमवार और पवित्र सावन माह को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी सुविधा और सहायता के लिए पुलिसकर्मी भी लगातार जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी बीच बरेली के थाना फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र से पुलिस के मानवीय और संवेदनशील चेहरे की एक तस्वीर सामने आई है, जिसकी क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में थाना फतेहगंज पूर्वी के सिपाही नीरज कुमार एक कांवड़िए की मदद करते नजर आ रहे हैं। वीडियो को पहली नजर में देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिसकर्मी स्वयं कांवड़ लेकर चल रहे हैं, लेकिन जानकारी सामने आने के बाद पता चला कि कांवड़िए के पैर में परेशानी होने के कारण सिपाही नीरज कुमार उसकी मदद के लिए आगे आए थे।

नीरज कुमार ने कांवड़िए को सहारा दिया और उसे शिव मंदिर तक पहुंचाने में मदद की। ड्यूटी के दौरान एक श्रद्धालु की परेशानी को समझकर जिस संवेदनशीलता के साथ उन्होंने उसकी सहायता की, वह पुलिस की जिम्मेदारी के साथ-साथ मानवीय कर्तव्य का भी बेहतरीन उदाहरण है।

*सिपाही नीरज कुमार की क्षेत्र में अलग पहचान*

सिपाही नीरज कुमार का यह मानवीय व्यवहार कोई पहला उदाहरण नहीं है।

 थाना फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र में वह अपनी सेवाभावना और अच्छी छवि के लिए जाने जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, नीरज कुमार दिन-रात गौ सेवा के कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं।
क्षेत्र में यदि कोई गाय दुर्घटना का शिकार हो जाती है या घायल अवस्था में मिलती है, तो नीरज कुमार उसकी मदद के लिए आगे आते हैं। घायल गौवंश का उपचार कराने से लेकर उसकी देखभाल तक में वह व्यक्तिगत रुचि लेते हैं। वहीं किसी गौवंश की मृत्यु हो जाने पर उसके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी भी विधि-विधान से निभाने का प्रयास करते हैं।

उनका यह सेवाभाव पुलिस की वर्दी से आगे बढ़कर इंसानियत और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देता है।
पुलिस और जनता के बीच मजबूत होता विश्वास
सिपाही नीरज कुमार के इस कार्य की क्षेत्रीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि जब पुलिसकर्मी ड्यूटी के साथ-साथ जरूरतमंदों और श्रद्धालुओं की मदद के लिए भी आगे आते हैं, तो इससे आमजन के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत होता है।

सावन जैसे पवित्र अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को जिम्मेदारी से संभालने के साथ कांवड़ियों की सहायता करना निश्चित रूप से पुलिस के सेवा, सुरक्षा और संवेदनशीलता वाले स्वरूप को सामने लाता है।
सिपाही नीरज कुमार जैसे पुलिसकर्मी यह संदेश देते हैं कि वर्दी केवल कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जरूरत के समय इंसानियत के साथ खड़े होने का भी प्रतीक है।
क्षेत्रीय लोगों की ओर से ऐसे सेवाभावी पुलिसकर्मी को सलाम, जिन्होंने ड्यूटी के साथ इंसानियत का फर्ज भी बखूबी निभाया। आए फतेहगंज पूर्वी पुलिस के जवान, सिपाही नीरज कुमार ने पेश की इंसानियत की मिसाल

बरेली। सावन के चौथे सोमवार और पवित्र सावन माह को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी सुविधा और सहायता के लिए पुलिसकर्मी भी लगातार जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी बीच बरेली के थाना फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र से पुलिस के मानवीय और संवेदनशील चेहरे की एक तस्वीर सामने आई है, जिसकी क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में थाना फतेहगंज पूर्वी के सिपाही नीरज कुमार एक कांवड़िए की मदद करते नजर आ रहे हैं। वीडियो को पहली नजर में देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिसकर्मी स्वयं कांवड़ लेकर चल रहे हैं, लेकिन जानकारी सामने आने के बाद पता चला कि कांवड़िए के पैर में परेशानी होने के कारण सिपाही नीरज कुमार उसकी मदद के लिए आगे आए थे।
नीरज कुमार ने कांवड़िए को सहारा दिया और उसे शिव मंदिर तक पहुंचाने में मदद की। ड्यूटी के दौरान एक श्रद्धालु की परेशानी को समझकर जिस संवेदनशीलता के साथ उन्होंने उसकी सहायता की, वह पुलिस की जिम्मेदारी के साथ-साथ मानवीय कर्तव्य का भी बेहतरीन उदाहरण है।

सिपाही नीरज कुमार की क्षेत्र में अलग पहचान
सिपाही नीरज कुमार का यह मानवीय व्यवहार कोई पहला उदाहरण नहीं है। थाना फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र में वह अपनी सेवाभावना और अच्छी छवि के लिए जाने जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, नीरज कुमार दिन-रात गौ सेवा के कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं।
क्षेत्र में यदि कोई गाय दुर्घटना का शिकार हो जाती है या घायल अवस्था में मिलती है, तो नीरज कुमार उसकी मदद के लिए आगे आते हैं। घायल गौवंश का उपचार कराने से लेकर उसकी देखभाल तक में वह व्यक्तिगत रुचि लेते हैं। वहीं किसी गौवंश की मृत्यु हो जाने पर उसके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी भी विधि-विधान से निभाने का प्रयास करते हैं।

उनका यह सेवाभाव पुलिस की वर्दी से आगे बढ़कर इंसानियत और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देता है।
पुलिस और जनता के बीच मजबूत होता विश्वास
सिपाही नीरज कुमार के इस कार्य की क्षेत्रीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि जब पुलिसकर्मी ड्यूटी के साथ-साथ जरूरतमंदों और श्रद्धालुओं की मदद के लिए भी आगे आते हैं, तो इससे आमजन के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत होता है।

सावन जैसे पवित्र अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को जिम्मेदारी से संभालने के साथ कांवड़ियों की सहायता करना निश्चित रूप से पुलिस के सेवा, सुरक्षा और संवेदनशीलता वाले स्वरूप को सामने लाता है।
सिपाही नीरज कुमार जैसे पुलिसकर्मी यह संदेश देते हैं कि वर्दी केवल कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जरूरत के समय इंसानियत के साथ खड़े होने का भी प्रतीक है।
क्षेत्रीय लोगों की ओर से ऐसे सेवाभावी पुलिसकर्मी को सलाम, जिन्होंने ड्यूटी के साथ इंसानियत का फर्ज भी बखूबी निभाया।
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