शिक्षा ही संसार का सबसे बड़ा धन : हाफ़िज़ इरफ़ान
सहसवान (बदायूं)। नवादा, सहसवान स्थित सामाजिक संस्था इस्लाहुल मुस्लिमीन एजुकेशन सोसाइटी के तत्वावधान में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन के सहयोग से छोटे स्कूली बच्चों को स्कूल किट (स्कूल बैग) वितरित किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं समाजसेवी हाफ़िज़ इरफ़ान द्वारा अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाना तथा आम जनमानस में शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि "शिक्षा ही संसार का सबसे बड़ा धन है। शिक्षा के माध्यम से ही समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त किया जा सकता है और देश को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाया जा सकता है।"
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुशाहिद मियां साहब, नाज़िम-ए-ज़िला, जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द, उत्तर प्रदेश रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में मौलाना नज़ीरुल हसन फलाही, विलेज कोऑर्डिनेटर (एमवीटी), ककराला उपस्थित रहे। उन्होंने ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन की स्थापना, उसके उद्देश्य तथा देशभर में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. मुनीर अख्तर ने अपने संबोधन में ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि पवित्र कुरआन की पहली आयत "इक़रा" (पढ़ो) से शुरू होती है, जो शिक्षा के महत्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक शिक्षा प्राप्त कर ही व्यक्ति स्वयं को बेहतर बना सकता है और देश व समाज के विकास में सार्थक योगदान दे सकता है। एक शिक्षित समाज ही सशक्त और सभ्य राष्ट्र का निर्माण करता है।
मुख्य अतिथि मुशाहिद मियां साहब ने कहा कि समाज सेवा और देश सेवा को सर्वोपरि रखना चाहिए। गरीब, मजदूर और बेसहारा लोगों की हर संभव सहायता करनी चाहिए, चाहे वह आर्थिक रूप से हो या किसी अन्य माध्यम से। समाज में ऐसा सकारात्मक संदेश देना चाहिए जो सभी के लिए प्रेरणादायक बने और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करे।
कार्यक्रम में इमरान खान (राजीव गांधी कंप्यूटर सेंटर), मुकर्रम अंसारी (समाजसेवी), अब्दुल कादिर, चांद अंसारी, प्रदीप कुमार (एमएस पब्लिक स्कूल, डकरा पुख्ता), मोहम्मद जावेद (एमएससी पब्लिक स्कूल, मोहल्ला काज़ी), हाफ़िज़ अब्दुल हादी (मदरसा इस्लाहुल मुस्लिमीन), शोएब अली, मुशाहिद रज़ा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शिक्षा को बढ़ावा देने के ऐसे प्रयासों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया।
संवाददाता प्रदीप कुमार की रिपोर्ट सहसबान