राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के पावन अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम l
संवाददाता नेत्रपाल सिंह बहजोई
बहजोई महाविद्यालय, बहजोई में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के पावन अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि अशोक कुमार वार्ष्णेय, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अनिल कुमार, महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार, उपाध्यक्ष डॉ. सोमप्रकाश वार्ष्णेय, सचिव नीरज कुमार वार्ष्णेय, कोषाध्यक्ष उत्कर्ष वार्ष्णेय, प्रबंध समिति के सदस्य रूपक वार्ष्णेय, तनुज वार्ष्णेय, अंकुर वार्ष्णेय, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र कुमार गुप्ता तथा राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गीता और आगंतुकों में प्रवीन कुमार वार्ष्णेय, देवेंद्र वार्ष्णेय,संजय कुमार आर्य, राजीव कुमार सिंह, नरेंद्र कुमार, अनिल कुमार, वीरेंद्र कुमार, भूप्रकाश राणा, संजय कुमार आर्य, देवेंद्र कुमार वार्ष्णेय, चंद्रसेन राणा द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बी.ए. की छात्रा प्रज्ञा भारद्वाज ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, उनके संघर्ष, त्याग, सादगी तथा राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर महाविद्यालय के सचिव नीरज कुमार वार्ष्णेय ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती की शुभकामनाएँ देते हुए महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि हम स्वदेशी उत्पादों को अपनाएँगे तो देश आर्थिक रूप से अधिक सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनेगा। मुख्य अतिथि अशोक कुमार वार्ष्णेय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह देश के महान महापुरुषों के आदर्शों एवं पदचिह्नों पर चलकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अनिल कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए महात्मा गांधी के ग्राम विकास संबंधी दृष्टिकोण का उल्लेख किया और कहा कि “भारत का वास्तविक विकास उसके गाँवों में बसता है। यदि गाँवों का समग्र विकास हो जाए तो राष्ट्र का विकास स्वतः सुनिश्चित हो जाएगा।” उन्होंने विद्यार्थियों से ग्रामीण विकास एवं आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इसी क्रम में महाविद्यालय प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष डॉ. सोमप्रकाश वार्ष्णेय ने कहा कि आज हम उन महान विभूतियों का जन्मदिवस मना रहे हैं, जिनका राष्ट्र के प्रति योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उनके आदर्श आज भी समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने सभी अतिथियों का हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के सत्य, अहिंसा, सादगी, ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें, जिससे वे अपने जीवन के साथ-साथ राष्ट्र को भी नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं सहित मेरे सपनों का भारत कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले और विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र एवं प्रतीक-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के गौरव वार्ष्णेय, दीप्ति रानी, यशपाल सिंह, डॉ. ओ. पी. सिंह, सत्येंद्र कुमार, संजय कुमार, पूजा शर्मा, नेमपाल सिंह, प्रीति शर्मा, रामतीरथ, भुवनेश कुमार, राजीव कुमार सहित महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन महाविद्यालय के कार्यालय अधीक्षक भगवान सिंह चौहान और डॉ. गीता ने संयुक्त रूप से किया।