जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल को धोखे में रख कर कराया जा रहा है अमृत महोत्सव
आप देख ही रहें होंगे कि उत्तर प्रदेश सरकार सहित भारत अभी किन बेहद गंभीर परिस्थिति से गुजर रहा है और जिला प्रशासन ने एक मुश्त भीड़ जमा करने की अनुमति भी प्रदान कर दीं है. जबकि पूरे देश में भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजना अग्निवीर और अग्निपथ को लेकर आगजनी व तोड़फोड़ की जा रही है जिससे पूरा देश विकट परिस्थिति में है।लेकिन जनपद एटा में किसी को अपने धंधे से मतलब है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस समय प्रदेश के सभी तरह के बलों के नौजवानो की छुट्टिया रद्द कर दीं है। जिससे आपात स्थिति में किसी भी घटना को रोका जा सके.
नगरपालिका क्षेत्र में लगे इस अमृत महोत्सव के बारे में जब जानकारी जुटानी शुरू की तो पता चला कि नगरपालिका अध्यक्ष द्वारा इस आयोजन की अनुमति सेना पड़ाव के लिए छावनी आगरा मुख्यालय सिफारिश की दीं गई थी।
जिसे सेना प्रशासन आगरा ने मना कर दिया था।लेकिन धोखे से इस आयोजन को आगरा रोड स्थित एक स्कूल के खाली स्थान में कराया जा रहा है। सूत्रों द्वारा पता चला कि इस अमृत महोत्सव की अनुमति SDM सदर द्वारा नहीं दीं गई है
क्योंकि कोरोना काल अभी समाप्त नहीं हुआ है और ना ही WHO व भारत सरकार द्वारा इस तरह के कार्यक्रमों की छूट दीं गई है। फिर आखिर कौन है जो इस समय आग से खेल रहा है।
अग्निवीर व अग्निपथ योजनाओं का भी विरोध इस समय इस कदर हो रहा है कि घटना और जिले का कोई अंदाजा लगा पाना प्रशासन के लिए भी रहस्य साबित हो रहा है,फिर इस महोत्सव के पीछे कौन है.जो जनपद एटा का माहौल ख़राब करने की सोची-समझी रणनीति पर काम कर रहा है?
धोखा कहाँ हैं वो समझिए....
प्रदेश सरकार द्वारा एक योजना चलाई जा रही है जिसका नाम अमृत सरोवर रखा गया है. जो कि गाँव-देहात में जर्ज़र पड़े तालाबो को सरोबर का रूप देना है। यही है अमृत सरोवर योजना!
लेकिन कहते है कि कही ना कही कोई शेखचिल्ली आता है और पूरे पढ़े लिखें प्रशासन को अंगूठा टेक बता देता है। सरकार के अमृत सरोवर के हूबहू नाम को प्रयोग करके धंधा करता है जिसका नाम अमृत महोत्सव रख देता है और जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल सहित पूरे प्रशासन की आँखों में मिर्ची डाल देता है।
प्रदेश सरकार ने संभाल रखी है.
कुछ स्थानों को छोड़ दिया जाये तो पूरे प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की पुलिस ने बेहद संजीदें तरीके से कमान संभाल रखी है। जनपद एटा में सड़क चौराहो पर देखे तो पुलिस का पहरा चारों तरफ है। क्योंकि प्रदेश के हालात बेहद नाजुक बने हुए है और एक बाहर से आये व्यक्ति ने अमृत महोत्सव के नाम पर प्रशासन एटा का मज़ाक बना दिया है।
*भीड़,कोरोना,अग्निपथ, अग्निवीर*
यह सब एक साथ एक मंच पर करने के पीछे कौन सा दिमाग़ है। जबकि जेल में बंद बंदियों से मुलाक़ात के लिए भी RT -PCR की रिपोर्ट के बाद मुलाक़ात संभव है। लेकिन अमृत महोत्सव में बाहर से आने वाले दुकानदारों की कोई वेरिफिकेशन नहीं की गई और नाही RT-PCR माँगा गया है। आखिर जनपद एटा को किस अंधेर नगरी में धकेला जा रहा है। आखिर कौन है वो....
हैंडी क्राफ्ट का धोखा देकर सदर विधायक विपिन कुमार वर्मा से कराया उद्घाटन
इस अमृत महोत्सव का उद्घाटन जिस चतुराई से कराया गया है यह भी समझने की जरुरत है। सदर विधायक विपिन कुमार वर्मा को बताया गया कि इस आयोजन के पीछे सरकार की उस योजना को प्रकाश में लाना है जो कि महत्वपूर्ण है।
जिसे हैंडी क्राफ्ट कहते है। लेकिन किसी तरह का भविष्य में विधायक द्वारा विरोध ना हो इसलिए सदर विधायक से अमृत महोत्सव का उद्घाटन करा दिया गया है । जब कि इस अमृत महोत्सव का सरकार की किसी भी योजना से कोई लेना-देना नहीं है। सिर्फ भ्रम और धोखे में रख कर जिले की जनता को गुमराह करना है।
सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक का खेल
यह पूरा खेल किसी मेरठ के सन्नी गुप्ता का बताया जाता है। जबकि जिला प्रशासन ने मेरठ से इस व्यक्ति की खोजबीन भी नहीं कराई है कि उक्त व्यक्ति कौन है और क्या है
सन्नी गुप्ता नाम के व्यक्ति ने इस खेल को अमृत महोत्सव नाम दिया और जनपद एटा कि भोलींभाली जनता को ठगने का रास्ता साफ किया हैँ।
कही ना कही इस खेल में प्रशासन का कोई अधिकारी भी हो सकता है क्योंकि सरकार की अमृत सरोवर योजना से मिलता-जुलता अमृत महोत्सव नाम नहीं रखा जाता।
एक अनजान व्यक्ति सन्नी गुप्ता ने जनपद एटा को साबित किया है कि यहाँ कुछ भी ख़रीदा जा सकता है और बेचा जा सकता है। क्योंकि कोई तो है जो आँखों में धूल झोंक रहा है और लूट रहा है.... कौन है!!!