साहब! मैं जिंदा हूँ: DM कार्यालय पहुँची महिला की कहानी सुन हैरान हुए लोग

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साहब! मैं जिंदा हूँ: DM कार्यालय पहुँची महिला की कहानी सुन हैरान हुए लोग

Thursday, June 23, 2022 | June 23, 2022 Last Updated 2022-06-24T06:55:19Z
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साहब! मैं जिंदा हूँ: DM कार्यालय पहुँची महिला की कहानी सुन हैरान हुए लोग

 उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 19 वर्ष पहले कागजों में मर चुकी महिला अपने जिंदा होने का सुबूत देने मंगलवार प्रातः कलेक्टर कार्यालय पहुंच गई।
उसने कलेक्टर से कहा कि बेटे ने मुझे मृत दिखाकर फर्जी तरीके से मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया है। यह सुनने के पश्चात कलेक्टर दफ्तर में उपस्थित लोग भीआश्चर्यचकित रह गए।

वही अहार इलाके के गांव दरावर निवासी कैलाशो देवी ने कहा कि जुलाई 2003 में उसके पति जगत सिंह की मौत के बाद पूरी संपत्ति उसके नाम पर आ गई थी। उस समय बड़ा बेटा 20 वर्ष का था, तीन अन्य बेटे नाबालिग थे। वर्ष 2007 में बड़े बेटे ने संपत्ति हड़पने के लिए

फर्जीवाड़ा करते हुए पिता के साथ मां को भी 2003 में मरा हुआ दिखाकर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया। बीते दिनों पीएम किसान सम्मान निधि प्राप्त करने वाले किसानों की सूची आई थी। उसमें जगत सिंह का भी नाम था। तत्पश्चात, ग्राम प्रधान ने उससे पति का मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा। जब वह मृत्यु प्रमाण पत्र लेने के लिए बड़े बेटे के पास गई तो उसने जल्दबाजी में पिता की जगह मेरा मृत्यु प्रमाण पत्र दे दिया।

वही फोटोकॉपी कराने के समय दुकान संचालक एवं फिर ग्राम प्रधान ने बताया कि यह उसका मृत्यु प्रमाण पत्र है न कि उसके पति का। बड़े बेटे से इसका विरोध किया तो वह जान से मारने के लिए पीछे दौड़ा। ग्रामीणों को एकत्रित होते देख वह भाग गया।

इल्जाम लगाया कि अब बड़ा बेटा अपने तीनों भाइयों का क़त्ल कर संपत्ति पर कब्जा करने की बात कर रहा है। कलेक्टर ने मामले में एसडीएम को जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर सीपी सिंह ने कहा कि जो भी अपराधी होंगे जांच रिपोर्ट आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कैलाशो ने कहा कि तत्कालीन ग्राम प्रधान, तत्कालीन ग्राम सचिव,

 लेखपाल एवं अफसर की मिलीभगत से मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया गया है। उसके पास 26 बीघा जमीन है, जिसमें 18 बीघा जमीन उसके नाम पर है।

फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र का उपयोग कर बड़ा बेटा जमीन अपने नाम करा लेगा। उन्होंने कहा कि पति ने डिवाई क्षेत्र के दौलत पुर गांव में साझेदारी में ईंट भट्ठा लगाया था। कलेक्टर से मांग की है कि ईंट भट्ठे में भी 25 फीसदी का हिस्सा है, उसमें भी छोटे बेटों को हिस्सा दिलाया जाए।

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