वर्षो पुराने शाह दन्ना शाह उर्स लगने अनुमति नही दे रहा है प्रशासन
बगरैन = थाना वजीरगंज क्षेत्र के कस्बा बगरैन मे वक्फ सम्पत्ति जमीन पर कई वर्षो से शाह दन्ना शाह उर्स लगता आ रहा है इस वर्ष भी 27 मई से कस्वा बगरैन मे ईदगाद मे उर्स लगने की तैयारी हो रही थी
जिसके लिए हैदर शाह ने उर्स लगने की परमीशान प्रशासन से मागी , सूत्रो के अनुसार कुछ भूमाफियो की नजर उर्स लगने वाली जमीन वक्फ सम्पत्ति पर कब्जा करने की है
जिन्होने फर्जी वसीयत दिखाकर प्रशासन को गुमराह करने का काम कर रहे है , यह सम्पत्ति 1952 मे मिया खान दान आवला वरेली ने बगरैन ईदगाह तकिया को दान मे दी थी। जिसकी देखरेख को दन्ना शाह को रखा गया था ,
उनके वाद धौसा शाह ने देख रेख की उसके वाद मदन शाह को देखरेख के लिए रखा गया , मदन शाह के वाद रहमान शाह ने देख रेख की और शादी कर ली ,
जवकि वक्फ सम्पत्ति की देख रेख करने वाला शादी नही कर सकता । रहमान शाह ने किसी प्रकार वक्फ सम्पत्ति की वसीयत अपने परिवार वालो के नाम कर दी जो गैर कानूनी थी , उर्स कमेटी ने मुकदमा कर वसीयत खारिज करा दी
तथा रहमान शाह को ईदगाह वक्फ सम्पत्ति की देख रेख से हटा दिया और हैदर शाह को नियुक्त कर दिया जो आज तक देख रेख करते है , जवकि वक्फ सम्पत्ति की देख रेख करने वाले किसी भी को वसीयत करने का अधिकार नही है ।
खाता संख्या 389 गाटा संख्या 588 , 589 रकवा 1.593 हेक्टेयर है जिसमे ईदगाह, मदरसा , तथा कर्वला स्थित है उर्स 2001 से लगातार लगता आ रहा है 2009 से प्रशासन से अनुमति लेकर उर्स लग रहा है , लेकिन इस वार वर्षो पुराने उर्स लगने की परम्परा टूटने के कगार पर है ल्ल
बगरैन मे उर्स लगने वाली जमीन मे मुकदमा चल रहा है दोनो पक्ष अपना अपना दावा कर रही है जांच कर रहे है । =एस डी एम विसौली
1952 मे मिया आवला ने ईदगाह को दान मे दी थी वर्षों से उर्स लग रहा है
कुछ भूमाफियो की कई वर्षो से नजर है , जो उर्स की अनुमति मे रोडा अटका रहे है =