सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने वाले 189 आवेदकों में केवल 25 पात्र पाए गए हैं। शेष 164 आवेदन जांच में फर्जी

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सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने वाले 189 आवेदकों में केवल 25 पात्र पाए गए हैं। शेष 164 आवेदन जांच में फर्जी

Friday, February 23, 2024 | February 23, 2024 Last Updated 2024-02-24T04:14:41Z
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सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने वाले 189 आवेदकों में केवल 25 पात्र पाए गए हैं। शेष 164 आवेदन जांच में फर्जी


रामपुर में सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने वाले 189 आवेदकों में केवल 25 पात्र पाए गए हैं। शेष 164 आवेदन जांच में फर्जी निकले हैं। इससे पूर्व में भी 200 आवेदनों में से केवल 20 पात्र पाए गए थे। जांच में 20 आवेदनों पर एक ही मोबाइल नंबर अंकित मिला।

सामूहिक विवाह योजना में फर्जी आवेदन करने वालों की जांच में पोल खुल गई है। बलिया में हाल में ही सामूहिक विवाह योजना के तहत बड़ी गड़बड़ी सामने आई थी। इसके बाद शासन ने सख्ती दिखाई और आवेदकों की जांच गंभीरता से करने के निर्देश दिए।

रामपुर में मार्च के पहले सप्ताह में योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रम होना है। ऐसे में नगर और सभी तहसीलों में आवेदकों की जांच जारी है। शाहबाद में नगर पंचायत कर्मियों ने 189 आवेदनों की घर-घर जाकर जांच की तो मात्र 25 ही पात्र पाए गए हैं।

21 फरवरी तक 110 में से 10 ही पात्र आवेदक मिले थे, जबकि जांच पूरी हुई तो 189 में 25 पात्र मिले। जांच में कोई शादीशुदा निकला, तो किसी शादीशुदा दंपती के बच्चे भी जवान पाए गए हैं। जांच में बदायूं बिसौली के मायके की जगह अभिलेखों में हेराफेरी करके कई का मायका शाहबाद दर्शा दिया गया।

जांच में दिल्ली के साइबर कैफे के मोबाइल नंबर आवेदनों पर अंकित पाए गए। एक ही मोबाइल नंबर से बीस-बीस आवेदन पाए गए हैं।
फोन मिलाया तो बताया हम आवेदक नहीं



नगर पंचायत के कर्मियों ने आवेदन पत्रों पर अंकित मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया, तो बिचौलियों ने आवेदनों को ही नकार दिया। मामले में बिचौलिए आवेदकों से रकम लेकर उन्हें लालच देते थे। अब फोन मिलाने पर आवेदन से ही इन्कार कर रहे हैं।

जन सेवा केंद्र शक के दायरे में
सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने के लिए बिचौलिए अक्सर कुछ जन सेवा केंद्रों पर नजर आते हैं। सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़ा करने और लाभार्थी दर्शाने के लिए फर्जी अभिलेख भी जन सेवा केंद्रों पर तैयार कराने का शक है।

सामूहिक विवाह में आए हुए आवेदन की जांच कराई जा रही है। ज्यादातर फर्जी आवेदन पाए गए हैं। कुछ आवेदन पहले भी फर्जी पाए गए थे। कुछ दोबारा से आवेदन किए गए हैं जोकि फर्जी निकले हैं। जांच में फर्जी मिले आवेदन पत्रों को स्वीकार नहीं किया जाएगा
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