भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने तीसरे चरण के बाद ही अपनी हार स्वीकारी – अखिलेश यादव

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भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने तीसरे चरण के बाद ही अपनी हार स्वीकारी – अखिलेश यादव

Friday, May 10, 2024 | May 10, 2024 Last Updated 2024-05-11T05:45:09Z
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भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने तीसरे चरण के बाद ही अपनी हार स्वीकारी – अखिलेश यादव



लखनऊ उत्तर प्रदेश। सपा मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा लोकसभा का चुनाव हार रही है, भाजपा के नेता बौखलाहट में है। भाजपा के चुनाव हारने के संकेत सबके सामने हैं। भाजपा के शीर्ष नेताओं ने तीन चरणों के मतदान के बाद अपनी हार स्वीकार कर ली है।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि अपने ही प्रदेश के पुराने साथियों पर अपने प्रदेश में चुनाव संपन्न होने के अगले दिन ही आरोप क्यों लगाए गए? आखि़रकार किसान की बोरी से चोरी करने वालों ने ‘बोरी भरे काले धन’ का आरोप लगाकर ख़ुद ही ये स्वीकार कर लिया है कि देश में काला धन बोरी भर-भर कर उपलब्ध है। इसका मतलब ये बात नोटबंदी की असफलता को भी स्वीकार करती है क्योंकि वो मान रहे हैं,

 काला धन न केवल है बल्कि भरपूर चलन में भी है। इसका एक अर्थ ये भी हुआ कि बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने टैक्स के रूप में जीएसटी आयकर और अन्य प्रकार के टैक्स की चोरी की होगी तभी तो काला धन पैदा हुआ। यह सरकार ने होने दिया या रोक नहीं पायी, दोनों अवस्था में यह सरकार की ही नाकामी है। इसका मतलब भाजपा सरकार के पिछले दस सालों के सारे बड़े फैसले नोटबंदी, जीएसटी गलत साबित हुए हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि इसका अर्थ ये हुआ कि देश में भ्रष्टाचार से जन्म लेने वाली महंगाई और बेरोज़गारी का कारण भाजपा सरकार की नीतियां ही हैं। देश के सबसे बड़े व्यापारिक घरानों के बारे में ऐसी बात कहकर भाजपाइयों ने पूरी दुनिया में भारत के उद्योग जगत की व्यापारिक संभावनाओं पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। इससे पूरी दुनिया में भारत का डंका बजाने का दावा करने वाली भाजपा ने देश की छवि का ढोल ही फोड़ दिया है। भाजपा राज में विकासशील देशों की श्रेणी से बाहर कर दिये जाने की वजह भाजपा सरकार है। इससे ये सवाल जन्म लेता है कि क्या भाजपा सरकार 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के भारत की संकल्पना काले धन के आधार पर कर रही थी।

अखिलेश यादव ने कहा कि जनता भाजपा सरकार से कुछ तीखे सवाल पूछ रही है कि अगर आपको ये सब मालूम था तो आपकी एजेंसियाँ सक्रिय क्यों नहीं हुई? भाजपा सरकार सब कुछ जानते हुए भी क्या सिर्फ़ इसीलिए चुप रही क्योंकि ‘इलेक्टोरल बांड’ का टेप उसके मुँह पर लगा हुआ था? बैंकों में मिनिमम बैलेंस पर ग़रीबों के खातों से पैसा काटने वाली भाजपा सरकार क्या देश के खरबों के राजस्व की हानि की भरपाई ख़ुद के चुनावी चंदे से करेगी? चंदा लेकर जानलेवा कोरोना वैक्सीन लगवाने वाली भाजपा सरकार क्या कोर्ट द्वारा असंवैधानिक घोषित किये जाने वाले अपने चुनावी चंदे को जनता का काल बनने वाला ‘काला धन’ घोषित करेगी?

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने जिन पर आरोप लगाए हैं, क्या उनको दिये गये सारे ठेके, पट्टे रद्द कर देगी? क्या इस भंडाफोड़ के बाद जनता के पैसों से बनाये गये ‘पीएम केयर फंड’ का हिसाब-किताब भाजपा जनता के सामने रखेगी? क्या देश के ईमानदार अधिकारी साहस करके आगे आएंगे और चौक्कने रहकर देश की सीमाओं को इस तरह चुस्त-दुरुस्त करेंगे कि कोई भागने न पाए? क्या भाजपा की जाती हुई सरकार को देखते हुए अभी भी कुछ भ्रष्ट अधिकारी भाजपा सरकार के एजेंट बनकर चुनावी घपले या जनता का उत्पीड़न करने की हिम्मत करेंगे? क्या भाजपा राष्ट्र प्रेम और ईमानदारी का ढोंग जारी रखेगी या फिर अभिनेताओं को बदल देगी।

अखिलेश यादव ने कहा कि क्या भाजपा सरकार अब ईडी, सीबीआई, आईटी और पीएमएलए को सक्रिय करेगी और बुलडोज़र को स्टार्ट करेगी या फिर इन सबको गर्मी की छुट्टियों पर विदेश भेज देगी? क्या इस खुलासे के बाद भाजपा अपने घनघोर समर्थकों को शर्मिंदगी और अवसाद के गहरे काले अंधेरों में जाने से रोकने के लिए उनसे और उनकी भावनाओं से माफ़ी मांगेगी? भाजपा क्या अगले चरण का चुनाव लड़ेगी या फिर तीसरे चरण को ही अंतिम चरण मानकर हार मान लेगी?
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