एसपी ट्रैफिक को मारने के इरादे से चढ़ा दी थी कार के मामले में तीन सिपाहियों सहित चार को ही 10 साल की सजा।

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एसपी ट्रैफिक को मारने के इरादे से चढ़ा दी थी कार के मामले में तीन सिपाहियों सहित चार को ही 10 साल की सजा।

Monday, February 24, 2025 | February 24, 2025 Last Updated 2025-02-24T13:50:11Z
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एसपी ट्रैफिक को मारने के इरादे से चढ़ा दी थी कार के मामले में तीन सिपाहियों सहित चार को ही 10 साल की सजा।
सभी आरोपियों पर लगा 50-50000 का जुर्माना।

नेशनल 24 लाइव न्यूज़ जनपद बरेली 2 सितंबर 2010 को तत्कालीन एसपी ट्रैफिक कल्पना सक्सेना मुखबिर की सूचना के आधार पर जब वह अपनी सरकारी गाड़ी से शाम लगभग 5:00 बजे सैटलाइट बस अड्डे के पास फरीदपुर की तरफ जाने वाले रोड पर पहुंची तो उन्होंने देखा कुछ लोग कर में बैठे हुए हैं और कुछ लोग बाहर खड़े हुए थे 

और एक तरफ फरीदपुर की तरफ से आने वाले कुछ ट्रक सड़क के किनारे खड़े हुए थे और उनसे वसूली की जा रही थी। कल्पना सक्सेना ने अपनी गाड़ी को ट्रैकों की आड़ में खड़ी करके अपने हमराह और ड्राइवर के साथ पैदल कार के समीप पहुंची और उन्होंने देखा कि कार की पिछली सीट पर ट्रैफिक सिपाही रविंदर और रविंद्र बैठे हुए थे 

जैसे ही उन लोगों को नजर कल्पना सक्सेना पर पड़ी तभी एक व्यक्ति ने चिल्लाकर ड्राइविंग सीट पर बैठे सिपाही मनोज से कहा कि उन्हें मारकर भाग जाओ और जैसे ही एसपी ट्रैफिक कल्पना सक्सेना आगे बड़ी मनोज ने कार स्टार्ट करके उनके ऊपर चढ़ाने की कोशिश की, कल्पना सक्सेना ने एक साइड होकर चलती कार में हाथ डालकर मनोज

 सिपाही की गर्दन पकड़ ली और कर रोकने को कहा लेकिन सिपाही मनोज ने कर नहीं रोकी और रविंद्र ने उनका हाथ पकड़ लिया और सर पर लोहे की राठ से बार करने शुरू कर दिए और ड्राइवर सिपाही मनोज से उनको कार से कुचल देने को कहा मनोज ने कर तेजी से बरेली की तरफ दौड़ा दी। एसपी ट्रैफिक कल्पना सक्सेना को वह लोग लगभग 200 मीटर तक घसीटते हुए ले गए

 इस बीच कर को अल तिरछा दौड़कर उन्होंने कई बार उन्हें कुचलना की कोशिश की क्योंकि कल्पना सक्सेना का हाथ कर में बैठे हुए सिपाही रविंद्र ने पकड़ रखा था इसलिए वह कर से दूर नहीं हो सकी इसके बावजूद भी जब वह लोग सफल नहीं हुई तो उन्हें धक्का देकर सड़क पर गिरा दिया। सड़क पर गिरकर घायल होने के बाद उन्हें उनके हमराह के द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके बाद तत्कालीन एसपी कल्पना सक्सेना ने उक्त मामले में थाना कैंट में उक्त लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

 तीनों सिपाहियों के खिलाफ पुलिस ने हत्या की कोशिश वसूली और एंटी करप्शन एक्ट की गंभीर धारा में मुकदमा दर्ज किया। वर्तमान में कल्पना सक्सेना गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर रेट में एडिशनल कमिश्नर के पद पर तैनात है। उसे समय उक्त तीनों सिपाही ट्रैफिक पुलिस में ही तैनात थे घटना के बाद रिपोर्ट दर्ज करने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया उसके कुछ दिनों के बाद भी तीनों सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया गया था। 

 विवेचना के बाद तीनों सिपाहियों समेत चार आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाह भी पेश किए गए।


 कल्पना सक्सेना ने अपनी शिकायत में कहा कि 2 सितंबर 2010 को उन्हें गोपनीय सूचना मिली कि कृपया पुलिस के कुछ सिपाही थाना क्षेत्र में फरीदपुर रोड मजार के पास हाईवे पर ट्रैकों को रोककर अवध वसूली कर रहे हैं इसी को चेक करने में वहां पर गई थी। 

तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक कल्पना सक्सेना की हत्या की कोशिश के मामले में कोर्ट ने तीनों सिपाहियों समेत चार लोगों को दोषी मानते हुए 15 वर्ष पुराने इस मामले में एंटी करप्शन कोर्ट के स्पेशल सुरेश कुमार गुप्ता ने सिपाही रविंद्र सिंह सिपाही रविंद्र सिंह सिपाही मनोज कुमार और उनके मददगार ऑटो चालक धर्मेंद्र को दोषी करार देते हुए 10 साल की कैद की सजा सुनाई है और कोर्ट ने सभी दोषियों पर 50-50000 का जुर्माना भी लगाया है।
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