रामगंगा नदी में बहते हुए मिले गौवंश के अवशेष, कुत्ते भी नोचते रहे अवशेषों को।
संवाददाता विनय कुमार अग्रवाल की रिपोर्ट फतेहगंज पूर्वी
किसी गौशाला में मरे हुए गोवंशु को गंगा जी में फेंकने की आशंका।
संवाददाता विनय अग्रवाल की रिपोर्ट।
फतेहगंज पूर्वी।
नगरिया कला ग्राम पंचायत के मझरा गांव खनी नवादा के पास रामगंगा नदी में गौवंश पशुओं के शव बहते हुए नदी में फंसे हुए थे कुछ शव नदी किनारे भी आ गए थे जिन्हें जंगली कुत्तों ,चील, कौए नोंच रहे थे।जब खनी नवादा के ग्रामीण खेतों की तरफ गए तो उन लोगों ने शवों को नदी में देखा जिसके बाद गांव के शिवशरण गौड़ ने वीडियो बनाकर गौरक्षक संघ के कार्यकर्ताओं को भेज दिए।गौरक्षक सत्यम गौड़ और विनोद राठौर द्वारा रामगंगा नदी में बह रहे गौवंश पशुओं के वीडियो शोषल मीडिया पर ग्रुपों, फेसबुक और ट्वीटर पर ट्वीट कर वायरल कर दिए।मामला पुलिस के संज्ञान में पहुंचते ही थाना प्रभारी संतोष कुमार मय फोर्स के मौके पर पहुंचे और गौवंश पशुओं के शवों को नदी से निकलवाकर पशु चिकित्सा अधिकारी को बुलाकर पोस्टमार्टम करवाकर जेसीबी मशीन द्वारा गड्डे खुदवाकर दफन करवा दिया।
गांव वालों का कहना है कि नगरिया कला घाट पर हर गंगा स्नान पर लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान करने आते हैं लेकिन गौवंश पशुओं के नदी में पड़े रहने से नदी का पानी गन्दा हो रहा है।
कुछ लोगों का कहना था कि हो सकता है कि किसी गौशाला में पशुओं के मरने के बाद रामगंगा नदी में उनके शवों को फेंक दिया गया है।
थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि रामगंगा नदी में मिले पशुओं के अवशेषों को पशु चिकित्सक द्वारा पोस्टमार्टम करवाकर दफन करवाया गया है।