मुजरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिकंदराबाद निवासी संजय पुत्र मुन्नालाल उम्र लगभग 48 वर्ष की मारपीट के बाद इलाज के दौरान मौत हो जाने से बुधवार रात थाने पर जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने पुलिस पर समय रहते कार्रवाई न करने और लाठीचार्ज करने के गंभीर आरोप लगाए हैं
बताया जा रहा है कि 14 मई 2026 की शाम संजय अपने साथियों के साथ कादरचौक थाना क्षेत्र के ग्राम सरकरे से दावत खाकर वापस लौट रहा था। इसी दौरान मुजरिया और अलीगंज के बीच वह अपने साथियों से आगे निकल गया। जब साथी उसके पास पहुंचे तो देखा
कि कुछ लोग संजय के साथ मारपीट कर रहे थे। साथियों को आता देख आरोपी मौके से फरार हो गए। बताया गया कि आरोपी एक सफेद रंग की फोर व्हीलर गाड़ी में थे, जिसकी फोटो साथियों ने मौके पर खींच ली। गाड़ी का नंबर भी परिजनों को मिल गया है, हालांकि आरोपी अज्ञात बताए जा
रहे हैं।मारपीट के बाद संजय अचेत अवस्था में मिला, जिसे साथी घर लेकर पहुंचे और बाद में निजी वाहन से इलाज के लिए बदायूं के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां से हालत गंभीर होने पर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। कुछ दिन इलाज चलने के बाद संजय को डिस्चार्ज कर दिया गया, लेकिन 20 मई 2026 की
शाम करीब 4:30 बजे उसकी मौत हो गई संजय की मौत के बाद परिजन शव लेकर मुजरिया थाने पहुंच गए और कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। परिजनों का आरोप है कि उनकी तहरीर के आधार पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। वहीं पुलिस शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराने की जल्दी में थी, जबकि परिजन अन्य रिश्तेदारों के आने का इंतजार करने की बात कह रहे थे।आरोप है कि इसी दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच कहासुनी हो गई
और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें महिलाओं समेत कई लोगों को चोटें आईं। परिजनों ने पुलिस पर मारपीट करने और मोबाइल छीनने तक के आरोप लगाए हैं बताया गया कि देर रात करीब एक बजे तक ग्रामीणों और
पुलिस के बीच पोस्टमार्टम को लेकर नोकझोंक चलती रही थाने के सामने शव रखकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है