फतेहगंज पूर्वी/नगर के प्राचीन बाग वाले मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवसीय कार्यक्रम में भगवान श्री कृष्णा के नामकरण संस्कार की लीला का दृष्टांत सुनाया गया माता यशोदा के अनुरोध पर उनके कुल गुरु आचार्य गर्ग आचार्य द्वारा भगवान के नामकरण संस्कार करने पर सर्वप्रथम
भगवान श्री कृष्णा का नाम श्री कृष्ण एवं माता रोहिणी के पुत्र का नाम बलराम रखना बताया आचार्य के रूप में मंदिर के मुख्य पुजारी अजय कुमार शर्मा ने कल गुरु गर्ग आचार्य की भूमिका निभाई। वही श्री कृष्ण बाल लीला में भगवान श्री कृष्ण द्वारा समस्त बृजवासियों के भय को समाप्त करने के लिए यमुना में निवास कर रहे कालिया नाग का मर्दन किया
गया वहीं ग्वाल वालों के साथ में भगवान श्री कृष्णा गायों को चराने के लिए जंगल में गए इस दौरान अपने ग्वाल-वाल साथियों के द्वारा नंद गांव में बृजवासियों के घर पर जाकर माखन चोरी की लीला भी की गई ।पंचम दिवस के कथा में कथा व्यास डॉ पंकज बमोला ने बताया कि भगवान ने बृजवासियों के उद्धार के लिए एवं गौ माता की सेवा के लिए
और समस्त पृथ्वी से राक्षसों का नाश करने के लिए ही इस ब्रज भूमि में जन्म लिया। कथा में भारी संख्या में महिलाएं एवं पुरुषों ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं से आनंदित होकर नृत्य किया देर शाम तक भागवत कथा का बहुत ही उल्लास पूर्वक पंचम दिवस का कार्यक्रम संपन्न हुआ
तपरांत भगवान श्री कृष्ण की आरती उतारी गई। आरती के उपरांत समस्त आए हुए श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। कथा में वासुदेव की भूमिका मंदिर के प्रबंधक एवं कथा के मुख्य यजमान अनिल कुमार गुप्ता द्वारा निभाई गई प्रसाद वितरण के बाद सभी श्रद्धालु हर्ष और उल्लास में सरावोर होकर भगवान नाम का संकीर्तन करते हुए अपने घरों को गए अंत में मुख्य यजमान एवं मंदिर प्रबंधन द्वारा आए हुए सभी
आगुंतकों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर अरविंद गुप्ता ,अनिल गुप्ता, चंद्रशेखर गुप्ता ,राकेश यादव, आकाश अग्रवाल, राजन उपाध्याय, पवन गुप्ता, शिवम दिक्षित, नरेश चंद्र शर्मा समेत हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।