**डॉ. तंकित कुमार बालियान**
वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र, दातागंज, बदायूँ-II
गर्मी के मौसम में अत्यधिक तापमान के कारण शरीर से पसीने के माध्यम से पानी एवं आवश्यक खनिज लवणों की हानि होती है। ऐसे में संतुलित एवं पौष्टिक आहार का सेवन करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। सही खानपान अपनाकर शरीर को स्वस्थ, ऊर्जावान तथा लू एवं अन्य मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है।
**गर्मियों में क्या खाएं?**
* मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी, आम, जामुन एवं बेल का सेवन करें।
* हरी पत्तेदार सब्जियाँ जैसे पालक, चौलाई, मेथी तथा सहजन की पत्तियाँ भोजन में शामिल करें।
* अंकुरित अनाज एवं दालों का सेवन करें, जिससे प्रोटीन एवं विटामिन की पूर्ति होती है।
* दही, छाछ और मट्ठा जैसे दुग्ध उत्पाद नियमित रूप से लें।
* मोटे अनाज (बाजरा, ज्वार, रागी) एवं साबुत अनाज का सेवन बढ़ाएं।
**पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लें**
* प्रतिदिन 8–10 गिलास स्वच्छ पानी पिएँ।
* नींबू पानी, नारियल पानी, बेल का शरबत, सत्तू का घोल एवं छाछ का सेवन करें।
* शरीर को निर्जलीकरण (Dehydration) से बचाने के लिए समय-समय पर पानी पीते रहें।
**इन चीजों से बचें**
* अत्यधिक तला-भुना एवं मसालेदार भोजन।
* अधिक चीनी युक्त शीतल पेय एवं कोल्ड ड्रिंक।
* बासी एवं खुले में रखा भोजन।
* अत्यधिक चाय एवं कॉफी का सेवन।
**गर्मियों में पौष्टिक आहार के लाभ**
* शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
* रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
* पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है।
* लू, थकान एवं निर्जलीकरण की समस्या से बचाव होता है।
* बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों के स्वास्थ्य में सुधार होता है।
गर्मी के मौसम में संतुलित एवं पौष्टिक आहार अपनाकर स्वस्थ जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया जा सकता है।